चंडीगढ़. पंजाब पुलिस बॉर्डर पर स्थित सभी थानों को अपग्रेड करेगी। सीमा पर नशीले पदार्थो और जाली करंसी की तस्करी को लेकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की बढ़ रही गतिविधियों के चलते पंजाब सरकार ने यह फैसला लिया है।
इन थानों में नशीले पदार्थो की जांच-पड़ताल और जाली करंसी पकड़े जाने पर प्राथमिक जांच में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर देशभर में उनसे जुड़े तारों का पता लगाया जाएगा। इसके लिए गठित विशेष जांच टीम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अब तक पकड़े गए तस्करों से आधुनिक हथियार मिलने के बाद यहां के थानों में भी आधुनिक हथियार रखने का फैसला किया गया है, ताकि तस्करों के हमले का जवाब दिया जा सके।
दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग: थानों को अपग्रेड करने के साथ वहां तैनात कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में इंटेलिजेंस यूनिट की पूरी मदद ली जाएगी। जानकारी के अनुसार अब तक जितने भी आईएसआई एजेंटों और अन्य तस्करों से हेरोइन व हथियारों की खेप बरामद की गई है, उनकी सप्लाई पंजाब समेत देश के अन्य राज्यों में बैठे ड्रग माफिया को की जाती है, लेकिन इन तथ्यों की पुष्टि करने के लिए जांच प्रक्रिया समय पर खत्म नहीं हो पाती और न ही समय पर अन्य राज्यों की पुलिस से सही तालमेल हो पाता है। इसके मद्देनजर अब जांच अधिकारियों को थाने का अन्य कोई काम नहीं सौंपा जाएगा।
महिला स्टाफ की कमी होगी दूर : बॉर्डर स्थित सभी थानों में स्टाफ की कमी होने के कारण सबसे ज्यादा असर संगीन मामलों की जांच पर पड़ रहा है। डीजीपी कार्यालय की ओर से इन सभी थानों में जरूरत से ज्यादा स्टाफ तैनात किया जाएगा, ताकि किसी कर्मचारी के अवकाश पर होने के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसी तरह विभाग ने लेडीज स्टाफ की कमी को भी दूर करने के लिए बॉर्डर रेंज के अधिकारियों से और लेडीज स्टाफ की तैनाती की मांग की है।
बॉर्डर पर किया जाएगा थानों का निर्माण
डीजीपी कार्यालय ने बॉर्डर पर उन थानों के लिए इमारतें बनाने का फैसला किया है, जो थाने किराये के भवनों में चल रहे हैं। संबंधित थानों के लिए जमीन की तलाश कर ली गई है। इन पर जल्द ही पुलिस हाउसिंग कॉपरेरेशन को निर्माण करने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा जिन थानों की हालत खस्ता है, उनकी भी मरम्मत की जाएगी।