लुधियाना. पंजाब सरकार की ओर से औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित जल को साफ करने के लिए कॉमन एफ्लूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) लगाने के फैसले को अमल में लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में वीरवार को पंजाब सरकार के इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिव एसएस चन्नी लुधियाना में संबंधित विभागों के अधिकारियों व उद्यमियों के साथ मीटिंग करेंगे।
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में मीटिंग हुई थी। उसमें यह फैसला किया गया था कि कलस्टरों में सीईटीपी की स्थापना की जाएगी, जिसमें डाईंग इकाइयों के पानी को साफ किया जाएगा। साफ पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग में लाने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अध्ययन करने के लिए कहा था। मीटिंग में यह बात सामने आई थी कि शहर में 268 रंगाई यूनिटें हैं। उनमें से 17 बड़ी यूनिटों मे पहले ही ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा चुके हैं।
251 में से 51 लघु रंगाई इकाइयां लुधियाना में विभिन्न स्थानों पर हैं। जबकि 200 इकाइयां 5 औद्योगिक कलस्टर में कार्य कर रही हैं। इन्हें फोकल प्वाइंट कलस्टर, इंडस्ट्रियल एरिया, ताजपुर रोड, बहादुरके रोड और राहों रोड कलस्टर हैं। यह बात सामने आई कि तीन सीईटीपी सभी कलस्टरों की जरूरत को पूरी कर देगा। शेष बची 51 इकाइयों में से 10 इकाइयों के पहले स्थित कलस्टरों में तब्दील करने की सहमति हो चुकी है। 41 इकाइयों के लिए मुख्यमंत्री ने शहर में उपयुक्त जमीन की पहचान करने के निर्देश दिए थे, ताकि इन इकाइयों को वहां स्थानांतरित किया जा सके।
बहरहाल, मुख्यमंत्री की अध्यक्ष्ता में हुई बैठक के फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए चन्नी उद्यमियों और संबंधित विभागों पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, नगर निगम, पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड और पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल एक्सपोर्ट कारपोरेशन अधिकारियों के साथ विचार—विमर्श करेंगे। साथ ही उनकी राय भी लेंगे।
बताया जा रहा है कि बैठक में तीनों सीईटीपी स्थापित करने के लिए जमीन की जानकारी और खर्च का ब्योरा भी जुटाएंगे। इस बाबत संबंधित विभागों को होमवर्क पूरा करने के निर्देश भी भेज दिए गए हैं। प्रमुख सचिव एसएस चन्नी के मुताबिक मीटिंग में सभी फैसलों को अमलीजामा पहनाए जाने की उम्मीद है। इससे सीईटीपी लगाने के कार्य को जल्द शुरू किया जा सकेगा।