चंडीगढ़. सेक्टर-43 में जिला अदालत परिसर के निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यथासंभव शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस तीर्थ सिंह ठाकुर व जस्टिस केएस आहलुवालिया की खंडपीठ ने कहा कि उन्हें यह बात समझ नहीं आ रही कि फंड जारी करने को लेकर आ रही बाधाएं दूर करने के लिए केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के प्रतिनिधि आपस में मिल बैठकर विवाद का हल क्यों नहीं निकाल रहे।
खंडपीठ ने कहा कि फंड जारी करने पर उन्हें चार सप्ताह में यथास्थिति रिपोर्ट दी जाए। अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन को डबल स्टोरी बेसमेंट का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेजने का निर्देश भी दिया है। इसके लिए 17.67 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर अदालत को इस बारे में लिए फैसले की जानकारी दे।
फंड उपलब्ध न होने के कारण अप्रैल से चंडीगढ़ जिला अदालत का निर्माण कार्य बाधित है। अदालत परिसर निर्माण के समय अनुमानित राशि 18.60 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 23.41 करोड़ रुपये हो चुकी है। इस संबंध में चंडीगढ़ जिला अदालत बार एसोसिएशन की तरफ से याचिका दायर कर प्रोजेक्ट के लिए फंड उपलब्ध कराए जाने व तय समय सीमा में इसे पूरा किए जाने की मांग की गई थी।