आंखों की ठीक न होने वाली समस्या के कारण बुजुर्ग व्यक्तियों की उम्र, सामान्य व्यक्तियों की उम्र की तुलना में कम हो सकती है। शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने पाया कि आंखों की ठीक न होने वाली समस्या के कारण 49 साल से 74 साल तक की उम्र के लोगों की मौत का खतरा बढ़ जाता है। आर्काइव्स ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजी में प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि बुजुर्गों में दृष्टि बाधिता का संबंध मृत्यु के खतरे से हो सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि दृष्टिबाधिता के कारण चोट लगने, अवसाद, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कम होने, चलने की गति धीमी होने, गिर जाने जैसे खतरे बने रहते हैं और इनसे भी मौत की आशंका बढ़ जाती है।
शोधकर्ताओं ने 49 साल और इससे अधिक उम्र के 3,654 व्यक्तियों में वर्ष 1992 से 1994 के दौरान, इसके पांच साल बाद और फिर दस साल बाद दृष्टिबाधिता का अध्ययन किया। अध्ययन के पहले वर्ष के 13 साल बाद 1,273 प्रतिभागियों की मृत्यु हो गई। ये सभी लोग आंखों की ऐसी समस्या से ग्रस्त थे, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता था।