पर्यटन उद्योग एक नया अवतार लेने की तैयारी कर रहा है। अगर किसी दंपति के संबंध ठीक नहीं हैं और उनके सगे-संबंधी संभावित तलाक को लेकर चिंतित हैं, तो वे मियां-बीवी के लिए छुट्टी प्रायोजित कर सकते हैं।
इस तरह अलग होने से पहले दंपति अपना घर बचाने की एक कोशिश कर सकेंगे। सच तो यह है कि इस दो हफ्ते की ट्रिप में मैरिज काउंसलर भी उनके साथ रहेगा।
अब तक इस तरह की 12 ट्रिप आयोजित की जा चुकी हैं और अच्छी बात यह है कि अलगाव की कगार पर खड़े वे सभी जोड़े छुट्टी साथ बिताने के बाद फिर से एक हो गए।
मुंबई के एक उपनगर बोरीवली के केवी टूअर्स एंड ट्रैवल्स ने ‘डायवोर्स टूरिज्म’ पैकेज के रूप में यह अनोखी सेवा शुरू की है। इन पैकेजों को इस मकसद के साथ तैयार किया जाता है कि संबंधित पक्ष अपने गिले-शिकवे दूर कर सौहाद्र्रपूर्ण संबंध बना दांपत्य को एक और मौका दें।
इस अनूठी पहल की कार्यप्रणाली थोड़ी अलग है। ट्रैवल कंपनी ऐसे स्थानों का चयन करती है, जहां दंपति पहले नहीं गए हों। इस पैकेज में मैरिज काउंसलर्स की फीस भी शामिल होती है।
यद्यपि सात दिन की ट्रिप दंपति के भविष्य का अंदाजा लगाने के लिए पर्याप्त होती है, लेकिन पूरी तरह से गिले-शिकवे दूर करने के लिए दो सप्ताह का पैकेज अपनाने की सलाह दी जाती है।
इस संदर्भ में एक रोचक बात यह है कि यह पैकेज उन जोड़ों को उपलब्ध नहीं कराया जाता, जो हिंसक होते हैं। एक मनोविज्ञानी के मुताबिक, ‘अगर किसी अनजान स्थान की यात्रा दंपति को एक-दूसरे को नए सिरे से समझने और मतभेद दूर करने में मददगार हो रही है, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है।’
कंपनी के स्तर पर बात करें तो एक अच्छा प्रबंधक वही होता है, जो रोजमर्रा की कार्यप्रणाली में सामने आने वाली समस्याओं के एक नहीं, बल्कि दो समाधान रखे।