चंडीगढ़. बुड़ैल जेल में जैमर लगने के बाद अब दोबारा जेल से कैदियों के घरों पर घंटी बज सकेगी। कैदियों का स्ट्रैस दूर करने के लिए जेल प्रशासन ने एक योजना बनाकर दिल्ली की कंपनी से सॉफ्टवेयर हायर किया है।
आईजी (जेल) महाबीर सिंह ने बताया कि लाखों रुपए के इस सॉफ्टवेयर के तहत जेल में बंद हर कैदी के दो फोन नंबर कम्प्यूटर पर रजिस्टर कर लिए जाएंगे। इससे कैदी सिर्फ इन्ही दो नंबरों पर हफ्ते में दो बार फोन कर पाएंगे।
कैदी जब फोन पर बात करेंगे,तो उनके साथ जेल स्टाफ का एक कर्मी तैनात रहेगा। इस दौरान फोन पर की जा रही सारी बातचीत की रिकार्डिग की जाएगी ताकि अपराधी किसी तरह की योजना न बना सकें। इस रिकार्डिग को जेल के वेलफेयर अफसर सुनेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2004 में हुए बुडै़ल जेल ब्रेक केस के बाद से कैदियों का परिजनों को फोन करना तो दूर, जानकारों से मिलना भी मुश्किल रहता है। इससे पहले जेल में बंद कैदियों से सिर्फ उनके ब्लड रिलेशन वाले ही हफ्ते में दो घंटे की मुलाकात कर सकते थे। यहां फोन पर प्रतिबंध भी लगा हुआ था, जेल में जैमर लगा होने के कारण जेल की चार दीवारी में कोई भी मोबाइल फोन काम नहीं करता।