पटियाला. शहर से 200 क्विंटल खोए को नकली कह कर पकड़ा जाता है। सेहत विभाग और डेयरी डिवेलपमेंट विभाग दोनों ही इस खोए के सैंपल भरते हैं। कुछ दिनों बाद सेहत महकमा अपने सैंपल की रिपोर्ट पास करके खोए को जनता के बीच बंटवाने की इजाजत दे देता है। उसी खोए का डेयरी डिवेलपमेंट विभाग का सैंपल फेल हो गया है। अब सवाल यह पैदा होता है कि आखिर सेहत महकमे ने अपनी रिपोर्ट जारी करने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई और डेयरी विभाग की सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार क्यों नहीं किया?
धन्य हैं ऐसे सिविल सर्जन और डीएचओ: हालांकि दैनिक भास्कर ने पहले ही अपने पाठकों के सामने सेहत विभाग की सैंपलिंग की सच्चई पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद सिविल सर्जन डा. शाम लाल महाजन और जिला सेहत अधिकारी डा. चरणजीत सिंह ने बेबाकी से इस खोए को क्लीन चिट दे दी। डेयरी डिवलेपमेंट विभाग की सैंपल रिपोर्ट में इस खोए के सभी सैंपल फेल करार होने के बाद हड़कंप मच गया है।
सेहत मंत्री को मिलेंगे हिंदू संगठन: उधर डेयरी डिवलेपमेंट विभाग की रिपोर्ट नैगटिव आने के बाद विहिप व बजरंग दल ने आज घोषणा की कि वो जल्द ही इस मामले में सेहत मंत्री लक्ष्मी कांत चावला से मिलेंगे।
विहिप के प्रचार मंत्री लखविंदर सरीन ने कहा कि वो सेहत मंत्री से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। आखिर कैसे दोनों विभागों की रिपोर्ट में इतना अंतर आ गया? उधर, डेयरी डिवेलपमेंट विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह का कहना है कि हमारे विभाग की ओर से लिए गए सभी सैंपल फेल हो गए है। सेहत महकमे ने कैसे इन्हें पास कर दिया, मेरी समझ से बाहर है। यह खोया एक प्रतिशत भी मानव खाने लायक नहीं है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद हम अगली कार्रवाई में
जुट गए हैं।