चंडीगढ़. यूटी एजूकेशन डिपार्टमेंट ने नेशनल स्कूल गेम्स के लिए तैयारियां तो पूरी कर लीं, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर। जिम्नास्टिक का जो खेल इंडोर खेला जाता है डिपार्टमेंट उसे आउटडोर करवा रहा है। इससे खिलाड़ियों में रोष है कि कहीं उनके प्रदर्शन पर इसका असर न पड़े।
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) ने यूटी एजूकेशन डिपार्टमेंट के आग्रह के बाद मई में जिम्नास्टिक का खेल कराने की मंजूरी दी थी। जब डिपार्टमेंट को यह पता था कि उनके पास इतना बड़ा इंडोर हॉल है ही नहीं जहां पर नेशनल लेवल के खेल कराए जाएं तो फिर ऐसे खेल को मांगा ही क्यों गया। हालांकि चंडीगढ़ में पीयू, शिवालिक स्कूल, डीएवी कॉलेज-10 और बहलाना स्थित आईटीबीपी सेंटर में इंडोर जिम्नास्टिक हॉल मौजूद हैं। पर वहां खेलों को आयोजित नहीं करवाया गया।
भारतीय जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव कान सिंह राठौर के मुताबिक आउटडोर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। चंडीगढ़ में इंडोर जिम्नेजियम हॉल हैं, उनका इस्तेमाल न कर खेलों को क्यों आउटडोर कराया जा रहा है। एसजीएफआई के अधिकारियों से आग्रह करेंगे कि भविष्य में जिम्नास्टिक को इंडोर हॉल में ही किया जाए। वहीं, नेशनल स्कूल गेम्स ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के वाइस चेयरमैन पीएस.शेरगिल ने कहा ‘मैं तकनीकी तौर पर ज्यादा नहीं जानता, लेकिन हमने जो भी किया है नियमों के दायरे में रहकर किया है। बाकि इस बारे में पता लगाया जाएगा कि आखिर होना क्या चाहिए था।’
तालमेल की कमी
विभिन्न राज्यों से आई टीमों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से खिलाड़ियों को लाने ले जाने के लिए बसें हर समय तैयार हैं। कुछ इसी प्रकार के दावे प्रशासन के आला अधिकारियों ने किए थे लेकिन बुधवार को ये धरे रह गए। आंध्र प्रदेश की टीम चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशन पर दो से ढाई घंटे तक डिपार्टमेंट की ओर से भेजे जाने वाली बस का ही इंतजार करती रही। डिपार्टमेंट के कर्मचारी दूसरे कामों में उलझे रहे और तालमेल की भारी कमी देखी गई। टीम के करीब 150 खिलाड़ी रेलवे स्टेश पहुंचे तो डिपार्टमेंट के कर्मचारियों से संपर्क हुआ। उन्हें आश्वासन मिला कि बस जल्द पहुंच रही है लेकिन प्रशासन की जल्दी दो घंटे में पूरी हुई।