चंडीगढ़. बचपन से ही संगीत के प्रति असीम की अभिरूचि को उनके माता और पिता ने देखा। असीम का खाना पीना, सोना और पढ़ना संगीत के साथ हुआ। असीम हलवारवी के मिजाज को उनके अभिभावकों ने बचपन में ही परख लिया और उसी दिशा में बढ़ने में मदद की। इसी वजह से महज पंद्रह वर्ष की उम्र में उसकी ‘एंथेमिया’ म्यूजिक एल्बम बन गई।
बुधवार को संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन कमल तिवारी ने गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी सेक्टर 10 में इस एल्बम को रिलीज किया। इसे असीम ने अपने पिता हरभजन सिंह हलवारवी की याद में समर्पित किया है। असीम बताते हैं कि उन्हें पिता की रूह से हर समय आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। मां प्रीतपाल कौर ने बताया कि असीम ने उम्र के हर पढ़ाव में अपनी प्रतिभा को साबित किया है।
चीन में 2009 में आयोजित इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ डांस में भी अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी। असीम ने एल्बम में पियानो वादन से पॉप, रॉक के साथ साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत के खुद के कंपोज किए बारह ट्रैक्स म्यूजिक पेश किया है। असीम एआर रहमान को अपना आदर्श मानता है।