लुधियाना. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ लोगों पर गाज गिर सकती है। मामले की जांच करने वाली कमेटी ने भी डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) को सौंपी रिपोर्ट मंे लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। उधर, चर्चा है कि रिपोर्ट के कुछ तथ्यों से पंजाब सरकार असहमति जता रही है। माना जा रहा है कि कुछ दिनों मंे सरकार डीजीसीए को जवाब भेजकर आपत्ति जता सकती है। पंजाब के एविएशन सेक्रेटरी विश्वजीत खन्ना ने भी ऐसे संकेत दिए हैं।
इस पूरे मामले पर खन्ना ने कहा है कि डीजीसीए की ओर से जारी रिपोर्ट का तकनीकी तौर पर अध्ययन किया जा रहा है। जहां भी सुधार की सिफारिश की गई है, वहां पर हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। संबंधित एजेंसियों को नोटिस भी जारी किए जाएंगे।
खन्ना के मुताबिक मुमकिन है कि डीजीसीए को कुछ बिंदुओं पर गलतफहमी हुई है, जिन बिंदुओं से पंजाब सरकार असहमत होगी, उसके बारे मंे डीजीसीए को जवाब भी भेजा जाएगा। दरअसल डीजीसीए की इस रिपोर्ट मंे पंजाब के एविएशन डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली पर भी अंगुली उठाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले 9 जून 1994 को पंजाब सरकार का विमान किंग एयर बी 200 हिमाचल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें तत्कालीन गवर्नर मारे गए थे।
घटना की इंक्वायरी में सिफारिश की गई थी कि एविएशन डिपार्टमेंट को संभालने वाला अधिकारी उड्डयन मामलों की जानकार हो। इस अधिकारी को एडिश्नल सेक्रेटरी का रैंक प्रदान कर सुरक्षा मानक लागू करने व एविएशन विंग संचालन का पूरा अधिकार हो। रिपोर्ट के मुताबिक इन सिफारिशों को मूल रूप में लागू ही नहीं किया गया।
जांच कमेटी ने कहा है कि पंजाब मंे एविएशन डिपार्टमेंट की टॉप मैनेजमेंट में सेक्रेटरी व डायरेक्टर को पंजाब सरकार से संबंधित अन्य कामकाज भी सौंपे हुए हैं। ऐसे में वे एविएशन डिपार्टमेंट की गतिविधियों को पूरा वक्त कैसे दे पाएंगे। एक एडवायजर भी तैनात है लेकिन उसे उड्डयन मामलों से संबंध मंे पूर्ण अधिकार नहीं सौंपे हुए।
विमान कंपनी पर कार्रवाई की सिफारिश
कमेटी ने सिफारिश की है कि सभी राज्यों में एविएशन ढांचे की टॉप मैनेजमेंट पास सिर्फ उड्डयन मामलों का ही चार्ज होना चाहिए, तभी वे सुरक्षा मानकों को लागू, निरीक्षण व नियंत्रण कर सकेंगे। कमेटी ने मेनटेनेंस एजेंसी, पंजाब सरकार के अधिकारियों, व को—पायलट को गलत अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने वाली विमान कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है।