Chandigarh
चमक से पता लगेगा आगे खतरा है
सुखबीर सिंह बाजवा Thursday, October 22, 2009 04:34 [IST]  

Accidentचंडीगढ़. जानवरों के कारण होने वाले सड़क हादसों के प्रति संजीदगी दिखाते हुए पंजाब पुलिस ने राज्य में हाईवे से लगते शहरों और गांवों के जानवरों के गले और पेट पर सिल्वर कलर की रिफ्लेक्टर टेप लगाने का फैसला किया है। पुलिस की इस कवायद से सड़क पर घूमने वाले जानवर अंधेरे में वाहन चालकों को दूर से नजर आ जाएंगे।

पायलट प्रोजेक्ट कामयाब

जगरांव जिला से शुरू इस पायलट प्रोजेक्ट की मदद से सड़क हादसों को रोकने में काफी मदद मिल रही है। प्रोजेक्ट पूरे राज्य में लागू करने के लिए जल्द अन्य जिलों के पुलिस अफसरों की बैठक बुलाई जाएगी।

हादसों की वजह तलाशी

सूत्रों के अनुसार हाल ही में पुलिस अधिकारियों की बैठक में बढ़ते सड़क हादसों की वजह तलाशी गई। इस दौरान जगरांव जिला के एसएसपी हरिंदर सिंह चहल ने अनूठी युक्तिअपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जानवरों के गले में अगर रिफ्लेक्टर टेप लगा दी जाए तो वे अंधेरे में भी वाहन चालकों की निगाह में आ जाएगी और हादसों पर लगाम लग सकेगी। डीजीपी परमदीप सिंह गिल को चहल की यह युक्ति पसंद आई और उन्होंने जगरांव पुलिस को इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने के निर्देश दे दिए। जगरांव में यह प्रोजेक्ट काफी सफल रहा है, इसलिए अब इसे पूरे प्रदेश में अपनाने का फैसला किया गया है।

ऐसे हादसे आम

उल्लेखनीय है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के रात के अंधेरे में किसी पशु से टकराने और ऐसे हादसों में वाहन में सवार लोगों की मौत की घटनाएं भी आम हैं। उम्मीद है कि वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का यह प्रयोग पूरे राज्य में कामयाब साबित होगा और हाईवे पर होने वाले हादसों की संख्या में कमी दर्ज की जाएगी।

पंजाब पुलिस की तरफ से कराए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक राज्य में एक वर्ष में हाईवे पर तकरीबन 33 सौ लोगों की मौत हो जाती है। इनमें 35 फीसदी हादसे जानवरों के कारण होते हैं। जगरांव जिले में पायलट प्रोजेक्ट के कामयाब रहने के बाद अब इसे पूरे राज्य के हाइवे पर लागू करने का विचार है।



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