लुधियाना. शराब तस्करों ने काम करने का ढंग बदल लिया है। पुलिस से बचने के लिए चंडीगढ़ से सस्ती शराब की पेटियां अब लग्जरी गाड़ियों में लाद कर पंजाब में लाई जा रही हैं। पुलिस तस्करों के नए दांव—पेंच समझ चुकी है। पिछले दिनों पुलिस ने लग्जरी की गाड़ियों में लाई जा रही भारी मात्रा में शराब बरामद की है।
पिछले 11 दिनों में पुलिस ने अवैध शराब की लगभग 300 से ज्यादा पेटियां बरामद की हैं। तीन मामले ऐसे सामने आए जब पुलिस ने लग्जरी गाड़ियों में लाई जा रही शराब बरामद की है। चौकी सुंदर नगर पुलिस ने गत 9 अक्टूबर को स्कार्पियो गाड़ी में लाद कर लाई जा रही 41 पेटी शराब बरामद की। इसके बाद 13 व 16 अक्टूबर को टवेरा व राइनो गाड़ियों में चंडीगढ़ से लाई जा रही शराब भी पकड़ी गई। सूत्रों की मानें तो लुधियाना में ऐसे 25 बड़े तस्कर हैं जो अवैध शराब यहां खपाते हैं।
चंडीगढ़ से रोजाना लगभग एक हजार पेटी शराब तस्करी के जरिए लुधियाना लाई जा रही है। शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की ओर से सख्ती बरतने पर अब यह मात्रा मात्र डेढ़ सौ पेटी की रह गई है। फिर भी पुलिस के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए तस्करों के पास कई चोर रास्ते हैं। तस्कर सीधे चंडीगढ़ रोड से न आकर खमाणों व समराला से रूट बदल रहे हैं। तस्कर खमाणों से खन्ना, समराला से राहों रोड, मत्तेवाडा से ताजपुर रोड, समराला से बीजा, या डेहलों से होते हुए लुधियाना पहुंचते हैं।
लुधियाना में ढोका मोहल्ला, छावनी मोहल्ला, किला मोहल्ला व रड़ी मोहल्ला आदि अवैध शराब के बड़े गोदाम हैं। गत सोमवार को ही पुलिस ने यहां से 150 पेटी अवैध शराब की बरामदगी की है। पुलिस से बचने के लिए तस्करों का नया ढंग शराब वाली गाड़ी के आगे ‘पायलट गाड़ी’ लगा कर चलते हैं। ‘पायलट’ में सवार तस्करों के साथ फोन पर उन्हें रूट व पुलिस नाकों के संबंध में जानकारी देते रहते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सारा खेल सूचना पर आधारत है।तस्करी का बड़ा कारण चंडीगढ़ व पंजाब में शराब के दामों में दोगुणो का फर्क होना भी है। तस्कर चंडीगढ़ से सस्ते दामों में शराब लाकर यहां बेचते हैं। यह दाम यहां ठेकों पर बिकने वाली शराब से काफी कम है।