Chandigarh
विकास पर खर्च न हो सकेंगे 400 करोड़
संजीव रामपाल Friday, October 23, 2009 03:49 [IST]  

चंडीगढ़. अब कन्वर्शन फीस से एकत्र हुई रकम इंडस्ट्रियल एरिया के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार पर खर्च नहीं हो सकेगी। हाल ही में प्रशासन को लिखी चिट्ठी में गृह मंत्रालय ने इंडस्ट्रियल एरिया की कन्वर्शन से एकत्र हुए करीब 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।



प्रशासन को डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए वार्षिक बजट में ही मांग करने को कहा गया है। दिलचस्प बात यह है कि पी. चिदंबरम ने ही कंेद्रीय वित्तमंत्री रहते हुए चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए अलग फंड खोलने के प्रस्ताव को अपनी सहमति दी थी। अब गृह मंत्री के तौर पर उन्हांेने अपने ही फैसले को साफ खारिज कर दिया है।



केंद्र सरकार के इस फैसले से इंडस्ट्रियल एरिया को चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस पार्क के तौर पर विकसित करने का ख्वाब अधर में लटक सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन कन्वर्शन से एकत्र हुई रकम में से 12 करोड़ रुपये से ज्यादा चंडीगढ़ नगर निगम को इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए दे भी चुका है। यही नहीं नगर निगम 31 करोड़ रुपये से ज्यादा के क ाम शुरू कर चुका है और 125 करोड़ रुपये से ज्यादा के काम अभी होने बाकी हैं।



अंदरूनी सड़कों की रीकार्पेटिंग, सीवरेज में सुधार, स्ट्रीट लाइटिंग, ग्रीनरी, पार्किग एरिया का विकास कन्वर्शन से एकत्र हुई रकम से होना था। गृहमंत्री की तरफ से 8 अक्टूबर को प्रशासक जनरल एसएफ. रोड्रिग्स को लिखे पत्र के बाद अब प्रशासन यह रकम इंडस्ट्रियल एरिया के विकास पर खर्च नहीं कर पाएगा।



प्रशासन ने इस वर्ष भी प्लान बजट के तहत 600 करोड़ रुपये केंद्र से मांगे थे लेकिन 319 करोड़ रुपये ही मंजूर किए गए। इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए भी अब प्रशासन को वार्षिक बजट में ही मांग करनी होगी। हर साल प्रशासन की तरफ से मांगे गए बजट में कटौती होने के कारण इंडस्ट्रियल एरिया के विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है।



रोड्रिग्स ने वर्ष 2006 में वित्तमंत्री को पत्र लिखकर इंडस्ट्रियल एरिया की कन्वर्शन से एकत्र हुई रकम के लिए प्रशासन को पर्सनल लेजर अकाउंट खोलने की इजाजत देने की मांग की थी। वित्तमंत्री ने प्रशासन को अलग बैंक अकाउंट खोलने की इजाजत तो नहीं दी थी, लेकिन पब्लिक अकाउंट ऑफ इंडिया में अलग फंड बनाने की अनुमति दे दी थी।



वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में ड्राफ्ट भी पास कर दिया था, ताकि चंडीगढ़ प्रशासन के प्रस्तावों को पास करने में बजट एलोकेशन में कोई दिक्कत न हो। प्रशासन जरूरत पड़ने पर इस फंड से रकम निकलाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज सकता था। दिलचस्प बात यह है कि पी. चिदंबरम तब केंद्र में वित्तमंत्री थे और अब केंद्र में गृहमंत्री है। उन्होंने अब अपना ही प्रस्ताव बदलने का फैसला किया है।



स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी प्रशासन को भरोसा दिलाया था कि कन्वर्शन से एकत्र रकम चंडीगढ़ के ही विकास पर खर्च करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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