पिछले पंद्रह वर्र्षो से मुंबई के एक सिनेमा थिएटर में दिखाई जा रही यश चोपड़ा की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी अनेक फिल्में हैं, जिन्होंने ग्रामीण परिवेश में छुट्टियां मनाने के विचार को बढ़ावा दिया है। अब पंजाब भी पर्यटकों को इसकी ओर आकर्षित कर रहा है। इस राज्य में 20 से ज्यादा फार्महाउस मालिक पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म बोर्ड के साथ मिलकर पर्यटकों को ग्रामीण जीवन का अनुभव कराने की योजना पेश कर रहे हैं। इस योजना के तहत लोगों के लिए आलीशान फार्महाउसों में ठहरने की सुविधा दी जाती है।
होशियारपुर में हरकीरत आहलुवालिया और उनकी पत्नी जसवीन ने दो साल पहले इसी तरह का कारोबार शुरू किया और आज उनके फार्महाउस में छह टेंट हैं, जो तकरीबन हर सप्ताहांत में भरे रहते हैं।
हमारे देश का हर शहर धूल व प्रदूषण की समस्या से ग्रसित है और प्रत्येक कामकाजी इंसान सप्ताहांत इस तरह बिताना चाहता है, जिससे वह खुद को तरोताजा महसूस कर सके। शांत-सुहावने माहौल में सप्ताहांत बिताने के लिए वह कुछ रकम भी खर्च करने के लिए तैयार है। यदि पास में कोई हिल स्टेशन है तो लोग वहां जाना चाहेंगे। यदि शहर के आस-पास ही कोई हरी-भरी जगह है, तो वे वहां जाना चाहेंगे लेकिन दाम वाजिब होने चाहिए। इन फार्महाउसों में ज्यादा सुविधाएं तो नहीं होतीं, लेकिन होटलों के मुकाबले यहां ठहरने की कीमत बहुत कम होती है। कम कीमत की वजह से इनकी मांग ऐसे लोगों के बीच तेजी से बढ़ी है, जिनके पास अपनी कार है और जो शहर से बाहर एक-दो दिन के लिए जाना चाहते हैं।
शहरों में हरियाली घटने के साथ निकट स्थित गांवों के पास इस तरह के स्थानीय पर्यटकों के लिए अपने उत्पादों को बेचने की क्षमता है। एकमात्र शर्त यही है कि उन्हें हरा-भरा, साफ-सुथरा और ग्राहकों की जेब की पहुंच में होना चाहिए। बेहतर है कि हम पंजाब से कुछ सीखें और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दें।