पटियाला. जिले के कौन से स्कूलों में अध्यापक सस्पेंड हो रहे हैं या कितने अध्यापक सस्पेंड हो चुके हैं, इसकी पूरी जानकारी जिला शिक्षा विभाग के पास भी नहीं है। पिछले दिनों डीजीएसई की ओर से भेजे जा रहे सस्पेंशन आर्डर में ऐसे भी कई चेहरे रहे जिनके आर्डर मिलने के कई दिनों बाद तक भी किसी को पता नहीं चला कि मास्टर जी सस्पेंड हो चुके हैं।
असल में डायरेक्टर जनरल आफ स्कूल एजूकेशन (डीजीएसई) सीधे अध्यापकों को ही सस्पेंशन आर्डर भेज रहे हैं, इसकी जानकारी ना तो जिला शिक्षा विभाग के पास होती है और ना ही उक्त स्कूल मुखी के पास। उधर सर्व शिक्षा अभियान अथार्टी इस मामले में पड़ताल करने का आश्वासन दे रही है।
अगर कहीं ऐसा हो गया है तो यह गलत है। हम इस संबंध में आज ही जांच पड़ताल करके कार्रवाई को दुरस्त करेंगे ताकि भविष्य में दोबारा ऐसा ना हो। - दविंदर सिंह , प्रवक्ता सर्व शिक्षा अभियान अथारिटी पंजाब।
कैसे करूं मास्टरजी को सस्पेंड
पिछले दिनों डीजीएसई की ओर से जिले के कई स्कूलों का दौरा करने और अध्यापकों के स्कूल में लेट या गैर हाजिर रहने का डीजीएसई ने कड़ा नोटिस लिया। उसके बाद से जिले में लगातार अध्यापकों के सस्पेंशन आर्डर आने का दौर जारी है। जिले के एक गांव में एक डीपीए के सस्पेंशन आर्डर सीधे उनके पास आ गए। जबकि स्कूल मुखी और डीईओ आफिस इससे पूरी तरह अंजान था। जब कुछ दिनों बाद स्कूल मुखी को पता चला तो वो इस बात को लेकर परेशान हो गए कि वो कैसे उक्त अध्यापक को सस्पेंड करने के आदेश जारी करें।
उधर जानकार बताते है कि नियमों के मुताबिक यह आदेश पहले डीईओ आफिस में आने चाहिए थे ताकि इनडोर्समेंट (पीठांकन) करके यह आगे स्कूल मुखी को भेजे जाते, लेकिन विभाग ने सब नियम को ताक पर रख कर सीधे अध्यापकों को ही आदेश भेजने शुरू कर दिए।