लुधियाना. समाज में आज महिलाओं की भागीदारी को किसी भी सूरत में नकारा नहीं जा सकता। आज महिलाएं समाज को दिन-प्रतिदिन और बेहतर बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। साथ ही उन कुरीतियों को दूर करने में जुटी हैं, जो हमारे और आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक हैं। ऐसी महिलाओं की भी कमी नहीं जो विरासत को संभालने के साथ-साथ बेसहारा लोगों को भी अपनी ममता की छांव दे रही हैं।
पंजाब की ऐसी ही महान महिलाओं को सम्मानित करने के लिए शुक्रवार को रामगढ़िया गल्र्स कालेज में एक समारोह का आयोजन किया शहीद मेमोरियल सेवा सोसाइटी और जय हरी नाम एजुकेशनल एंड सर्विस सोसाइटी ने। 43वें ग्रेट वुमन डे के मौके पर पंजाब की 18 महिलाओं को संस्था की तरफ से ग्रेट वुमन अवार्ड से नवाजा गया।
इनमें डा. उषा शर्मा, बलबीर कौर, परमजीत कौर गुलशन, विजय ढांडा, रघुवीर कौर खैरा, हरप्रीत कौर सिद्धू, मनजीत कौर अंबालवी, कमलजीत कौर, सरबजीत कौर सोहल, कमला शर्मा, सुनील अरोड़ा, सारा जॉनसन, हरगोबिंद कौर, अमिता सलारिया, सुखदीप कौर, सोनिया मौदगिल, प्रभजोत कौर, रूपिंदर ग्रेवाल शामिल थीं। इस मौके पर बतौर चीफ गेस्ट डिप्टी स्पीकर पंजाब सतपाल गोसाईं, एमपी व स्त्री अकाली दल की प्रधान परमजीत कौर गुलशन, श्रीमति विजय ढांडा, पंजाब स्टेट विमन कमीशन की पूर्व चेयरमैन परमजीत कौर आदि मौजूद थीं।
रिश्ते निभाना कोई महिलाओं से सीखे
औरत की जिंदगी और कई तरह के अनछुए पहलुओं को कविताओं व लेखों के माध्यम से उठाने वाली सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैबोवाल कलां लुधियाना की लेक्चरर निर्मल ने कहा कि बेटियां तो घर की शान हैं। इनके बिना तो जैसे समाज अधूरा सा लगता है। मैं कन्या भ्रूण हत्या और औरत की जिंदगी के हर लम्हे को पुस्तकों में उतार चुकी हूं। महिला हर रिश्ते को बखूबी निभाती है, इसलिए भ्रूण हत्या जैसे पाप से इसे बचाना होगा।
भ्रूण हत्या रोकने की जरूरत
मुख्य संसदीय सचिव हरीश राय ढांडा की पत्नी वजय ढांडा औरतों के विभिन्न पहलुओं पर रिसर्च कर रही हैं और सामाजिक कार्यों के साथ अपने पति को भी सहयोग दे रही हैं। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या जैसे घिनौने जुर्म के लिए अगर हम केवल औरत को ही जिम्मेदार ठहराएं तो गलत होगा, क्योकि उसे तो परिवार के दबाव में आकर और मजबूर होकर ही ऐसा कदम उठाना पड़ता है। इसके खिलाफ आगे आने की जरूरत है।
दूसरों की खुशी में मेरी खुशी
38 सालों से समाजसेवा कर रही सारा जॉनसन ने कहा कि दूसरों की खुशी में ही अपनी खुशी की तलाश रहती है। मैं कई सालों से अपाहिजों के लिए वोकेशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर चला रही हूं। इन अपाहिज बच्चों की मुस्कान में ही मेरी जिंदगी समाई है।
शान को बरकरार रखना है
डीडी जैन कालेज की स्टूडेंट प्रभजोत कौर को भी यह अवार्ड मिला है। पंजाब की इस कुड़ी ने प्लस टू में पूरे पंजाब भर 94.4 प्रतिशत माक्स लेकर टॉप किया था। प्रभजोत ने कहा कि मैं अपने पंजाब की शान को इस तरह ही बरकरार रखना चाहती हूं।
सहेजना है विरासत को
पंजाबी सभ्याचार और विरासत को सहेजने के लिए स्टूडेंट्स को मोटिवेट करने वाली जीएनजीसी की पंजाबी लेक्चरर रूपिंदर कौर ग्रेवाल कहती हैं पंजाबियों की शान है हमारी संस्कृति। हम सभी का फर्ज है कि इसे सहेजें। मैं अपनी छात्राओं को जागरूक करती हूं।
औरत को मजबूत बनाना उद्देश्य
पंजाब स्टेट सोशल वेलफेयर की चेयरपर्सन विजय लक्ष्मी भादो ने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करना है। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है। आज भी बेटियों के प्रति लोगों का नजरिया नहीं बदला है, आज भी बेटों को ही अपना वंश माना जाता है। सो क्यों मंदा आखिए जित जम्में राजान. गुरु नानक देव जी के इस महाकाव्य से शुरुआत करते हुए लक्ष्मी ने कहा कि औरत मात्र देह नहीं है। यह देवी है पर जरूरत पड़ने पर चंडी भी बन सकती है।