लुधियाना. दीपावली के साथ कई सारे उत्सव मनाने के बाद अब लोग रूटीन पर लौट रहे हैं। हालांकि दिवाली मिलन जैसे समारोह अभी होते रहेंगे, लेकिन अब महिलाएं बच्चों को त्योहार के जोश से बाहर निकालकर उनकी दिनचर्या को दोबारा नए सिरे से शेड्यूल कर रही हैं। अब बच्चों के स्कूल शुरू हो चुके हैं ऐसे में स्कूल बैग से लेकर हर चीज व्यवस्थित करना महिलाओं ने शुरू कर दिया है।
बच्चें पर ध्यान देना शुरू किया
जमालपुर निवासी रिंकी शर्मा ने कहा कि त्योहार के बाद सबसे ज्यादा चिंता बच्चों की पढ़ाई की ही रहती है। उत्सवी माहौल में वैसे भी बच्चों को पढ़ाई से छुट्टी मिल जाती है। अब बच्चों के स्कूल शुरू हो चुके हैं तो मैं इन्हें वापस रूटीन में लाने की तैयारी कर रही हूं। दिवाली की छुट्टियों में स्कूल से मिला होमवर्क पूरा कराया है और उन्हें पिछले चैप्टर्स भी याद कराए हैं। अब परीक्षाएं शुरू होंगी, इसलिए बच्चों की पढ़ाई पर खास ध्यान देना होगा।
शहरवासी परमिंदर कौर भी अब फेस्टिव सीजन के बाद बच्चों की पढ़ाई को लेकर सजग हो गई हैं। उनका कहना है कि मैं अब कहीं बाहर घूमने जाने की बजाय घर पर ही रहकर बच्चों की पढ़ाई करवाऊंगी क्योंकि फेस्टिव माहौल में इनकी पढ़ाई बंद रही है और अब अगले महीने एग्जाम भी शुरू होने जा रहे हैं।
अब बजट का रखेंगे ख्याल
मानसी अग्रवाल कहती हैं आगे का बजट गड़बड़ न हो इसलिए एक-दो महीने तक खर्चो पर कंट्रोल रखना होगा। इसके लिए हम शॉपिंग बिलकुल बंद कर देंगे और आउटिंग भी नहीं करेंगे। वैसे भी त्योहार के मौसम में काफी खर्चा हो गया। अभी हाल फिलहाल किसी भी मेले या एक्जीबिशन से खरीदारी करने से भी बचेंगे। साथ ही बच्चों को भी समझाएंगे की वह फिजुल खर्च न करें। शहरवासी रमा ने भी कहा कि उनके घर का बजट फेस्टिव सीजन के चलते गड़बड़ा गया है, जिसे वह संभालने में जुट गई हैं। साथ ही फिजुलखर्ची पर लगाम लगा रही हैं।
सेहत का रखना है ध्यान
बीआरएस नगर निवासी सपना बांसल ने बताया कि दीपावली के दौरान बाहर खाना-पीना काफी ज्यादा हो गया था, जिससे बच्चों से लेकर बड़ों तक को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगीं। त्योहार के पकवानों के बाद अब सादा खाना खाएंगे, जिससे परीक्षाओं के वक्त बच्चों की तबीयत ठीक रहे। वैसे भी सर्दियों का मौसम आ रहा है, इसलिए शाम का घूमना-फिरना कम करना है।
अब कमर कस ली है
आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले अंकुर सहजपाल ने कहा कि वो पिछले कई दिनों से मौज-मस्ती कर रहे थे। दिवाली होने के कारण दोस्तों के साथ घूमने और दीपावली की तैयारी में ही सारा वक्त चला गया, पढ़ाई का मौका ही नहीं मिला। अब फेस्टिव माहौल बीतने के बाद रूटिन को दोबारा उसी पटरी पर लाना है। इसके लिए कमर कस ली है क्योंकि अच्छे अंक प्राप्त करना है।