लुधियाना. नगर निगम की ओर से किरपाल नगर में गिराए गए निर्माण को लेकर विरोध और सियासी जोर आजमाइश का दौर खत्म नहीं हुआ। शुक्रवार को इस मामले में शिकायतकर्ता ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा पार्षदों की कारगुजारी पर ही सवाल खड़े कर दिए। वहीं दूसरी तरफ, गिराई गई बिल्डिंग के मालिकों ने समर्थकों समेत निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, तो भाजपा पार्षदों ने मसले को मेयर और कमिश्नर के आगे उठाया।
फिलहाल इस मामले में निगम कमिश्नर अजॉय कुमार सिन्हा ने जांच के निर्देश दिए हैं। निगम ने वीरवार को किरपाल नगर में एक बिल्डिंग को अवैध निर्माण करार देकर गिरा दिया था। मौके पर ही इसका विरोध हुआ, लेकिन निगम की कार्रवाई रुकी नहीं। शुक्रवार को सुबह ही किरपाल नगर के बाशिंदों ने निगम मुख्यालय पर धरना दिया।
प्रदर्शन कर रहे राम चंद्र, सुदेश रानी, कमलेश रानी, मनप्रीत सिंह, हनुमान, राम कुमार, कुलदीप काकू, अजय तिवारी आदि ने एटीपी कंवलजीत कौर को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एटीपी के पास कार्रवाई को लेकर किसी तरह के आदेश नहीं थे।
प्रदर्शनकारियों ने निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस मामले में भाजपा पार्षद गुरदीप सिंह नीटू, सर्बजीत सिंह काका, पार्षद पुत्र राजीव कालड़ा ने एफएंडसीसी की मीटिंग के दौरान ही निगम कमिश्नर एके सिन्हा और मेयर से सर्किट हाउस में दुहाई दी। पार्षद काका के मुताबिक इस मामले में कमिश्नर ने एडीशनल कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़ को सोमवार तक मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी तरफ, इस मामले में शिकायतकर्ता जगदीश मल्होत्रा और भाजपा एनआरआई विंग के सह जिला संयोजक अरुण कत्याल ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा नेताओं का आड़े हाथों लिया है। उन्होंने दावा किया कि निर्माण अवैध था और निगम ने उसे सही गिराया है। उन्होंने कहा कि पार्षदों को अवैध निर्माण का विरोध करना चाहिए, लेकिन वे अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई का विरोध करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पार्षदों को अपने हित के बजाए शहर के हित और उसे दुरुस्त बनाने के बारे में कदम उठाने चाहिए।