लुधियाना. बहुत हो चुका। छह महीने से ढिंढोरा पीटे जा रहे हैं, एक बात समझ में नहीं आती कि कूलरों, छतों मंे पानी नहीं जमा होने देना। चलिए, जिन्हें सेहत विभाग व नगर निगम की ‘प्यार की भाषा’ समझ नहीं आई, उन्हें समझाने के लिए अब विभाग ‘पॉपुलर फामरूला’ इस्तेमाल करेगा।
विभाग मिन्नतें नहीं करेगा, समझाएगा नहीं, बल्कि घर में पानी या लारवा जमा होने पर चालान काटकर हाथ में पकड़ा देगा। अपने घरों, कारखानों व इमारतों की छतों को आज ही चेक कर लें। आपकी लापरवाही विभाग की पकड़ में आ गई, तो महंगाई के दौर में जेब से पांच सौ से आठ सौ रुपये गए समझिए।
सेहत विभाग की एंटी लारवा विंग की टीमों के साथ शनिवार से नगर निगम के तीन अधिकारी भी रहेंगे। जिस घर मंे भी पानी मिला उसे पांच सौ रुपये व लारवा मिला तो आठ सौ रुपये जुर्माने का चालान मौके पर ही कर दिया जाएगा।
असल में चालान की पावर नगर निगम के पास है, जबकि घरों में डेंगू का लारवा सेहत विभाग का एंटी लारवा विंग चेक करता है। सेहत विभाग को आपत्ति थी कि उसने कई बार निगम को चालान काटने की सलाह देने के बावजूद वह ज्यादा कुछ कार्रवाई नहीं कर सका। उधर, एंटी लारवा विंग को घर घर में डेंगू का लारवा मिल रहा है। ऐन मौके उनके पास सलाह देने के अलावा कोई रास्ता नहीं होता।
जिला सेहत अधिकारी डा.यूएस सूच व डिस्ट्रिक्ट एपीडीमोलोजिस्ट डा.जीपी मंगला इसी मसले पर शुक्रवार को नगर निगम के हेल्थ अफसर डा.चरणजीत उप्पल से मिले। इसमें चर्चा हुई कि दोनों टीमों के अलग अलग जाने का कोई मतलब ही नहीं है।
बैठक में ही यह फैसला हुआ कि निगम के चालान काटने का अधिकार रखने वाले कर्मचारी एंटी लारवा विंग की टीम के साथ रहेंगे। निगम के हेल्थ अफसर डा.चरणजीत उप्पल ने बताया कि वेक्सीनेशन सुपरवाइजर समेत तीन कर्मचारियों को आर्डर जारी कर चालान की पावर दे दी गई हैं। उन्हें चालान बुक जारी हो गई हैं।
वे शनिवार से एंटी लारवा विंग की टीमों के साथ ही रहेंगे। 25 सेनेटरी इंस्पेक्टर के पास चालान की पावर पहले से ही है, उन्हें भी अपने स्तर पर टायर मार्केटों, कबाड़ियों व घरों में जाकर चालान काटने को कहा गया है। डा.उप्पल के मुताबिक जुर्माना राशि का भुगतान मौके पर भी किया जा सकेगा। फिर भी एक हफ्ते का वक्त दिया जाएगा। उसके बाद चालान को अदालत भेज दिया जाएगा।