चंडीगढ़. डेराबस्सी और जीरकपुर के मास्टर प्लान को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस वर्ष के अंत तक फाइनल करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस तीर्थ सिंह ठाकुर व जस्टिस महेश ग्रोवर की खंडपीठ ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर आपत्तियां व इसके प्रकाशन का काम दिसंबर के अंत तक पूरा कर लिया जाए।
खंडपीठ ने कहा कि मास्टर प्लान को अंतिम रूप देते हुए इंडस्ट्री और रिहायशी कॉलोनियों की न्यूनतम दूरी पर विचार कर लिया जाए। इसके अलावा खरड़ और बनूड़ के मास्टर प्लान पर भी अदालत ने आपित्तयां मांगने के बाद इसे 31 दिसंबर से पहले अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। डेराबस्सी के धर्मचंद व अन्य की तरफ से याचिका में कहा गया कि इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए अधिगृहीत भूमि पर रिहायशी कॉलोनियां बनाई जा रहीं हैं। ऐसे में इन निर्माण कार्यो पर रोक लगाई जाए।
चीफ टाउन प्लानर की नियुक्ति पर शीघ्र निपटारा करने का आग्रह
पंजाब में चीफ टाउन प्लानर का पद पर अदालत में याचिका विचाराधीन है। पंजाब सरकार के वकील ने कहा कि चीफ टाउन प्लानर प्लानिंग एजेंसी का प्रमुख हिस्सा हैं, उनकी गैरहाजिरी में मास्टर प्लान को अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता।
वकील ने कहा कि चीफ टाउन प्लानर की नियुक्ति पर हाईकोर्ट के एकल जज ने रोक लगा रखी है। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ अर्जी दाखिल कर रखी है, जिस पर सुनवाई विचाराधीन है। खंडपीठ ने इस पर एकल जज को इस केस का जल्दी निपटारा करने का आग्रह किया।