चंडीगढ़. 55वीं नेशनल स्कूल गेम्स में कई ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो भले ही अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर हैं पर घर के खाने का स्वाद यहां भी चख रहे हैं। इन गेम्स में कुछ राज्य ऐसे हैं जो अपने साथ कुक भी लाएं हैं। टीमों के साथ आए कुक ने उन्हीं स्कूलों में अपनी मेस लगाई है जिनमें खिलाड़ी ठहरे हैं।
खेलों में 25 राज्यों के तीन हजार खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब की टीमें अपने साथ कुक को लेकर आई हैं। ये कुक ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर को खिलाड़ियों की सुविधा के हिसाब से बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीम के कोच टीपी. माराबी ने बताया कि वेज में दाल के अलावा पनीर की सब्जी दी जाती है।
नॉन वेज खाना भी बनाया जा रहा है ताकि खिलाड़ियों को प्रॉटीन की कमी न रहे। उनकी टीम में 142 खिलाड़ी, 13 कोच व मैनेजर और 6 कुक हैं। राजस्थान की टीम के साथ आए कोच भागीरथ ने बताया कि अपने साथ कुक लाने से खिलाड़ियों को जब भी भूख लगे उन्हें खाना दिया जा सकता है।
अपनी सहूलियत के हिसाब से लंच या डिनर का समय तय किया जा सकता है। इसी के साथ खाना तो पौष्टिक रहता ही है साथ ही घर के खाने का स्वाद भी बरकरार रहता है। पंजाब की टीम के साथ आई कोच नवदीप ने कहा यहां पर खेल के वैन्यू और खाने की मेस अलग अलग जगह पर बनाई गई है।
कुक को साथ लाने से खिलाड़ियों के आने जाने का समय बच जाता है। पंजाब से कई टीमें आई हैं और मैच खेलने में अगर समय ज्यादा भी लग गया तो कुक को फोन कर कह दिया जाता है कि खाने को टीम के लिए बचाकर रखा जाए।
खिलाड़ी सावंत ने बताया कि कुक को हमारे स्वाद का पता है और हमारी पसंद का खाना ही बनाया जाता है। खिलाड़ी उग्रेंद्र पांडे ने कहा कि अपने कुक हैं तो समय की बर्बादी नहीं होती। जब आपको खाना चाहिए तब मिल जाता है। खिलाड़ी विजेंद्र के मुताबिक बाहर का खाना कई बार सही नहीं बैठता। अपनी मेस का खाना है तो राज्य कोई भी हो, घर के खाने का स्वाद बरकरार रहता है।