ब्रिटेन में अब घर के लिए कर्ज मांगने वाले लोगों को संभवत: अपने खाने-पीने, शराब और तंबाकू पर होने वाले खर्चे का खुलासा करना पड़ सकता है। हाल ही में जारी मॉर्गेज मार्केट रिव्यू रिपोर्ट में रेहन के नियमों को सख्त करने के संकेत दिए गए हैं। इसके अलावा इस देश की फाइनेंशियल सर्विस अथॉरिटी भी कर्ज की मांग करने वाले लोगों की आदतें जानने के लिए गाबरेलॉजिस्ट्स की सेवाएं लेने की सोच रही है।
गाबरेलॉजिस्ट एक उभरता वर्ग है। ये ऐसे लोग हैं जो कूड़ा-करकट या व्यर्थ पदार्र्थो के प्रति थोड़े धुनी होते हैं। आप उन्हें अपने कचरे के डिब्बों का बारीकी से परीक्षण करते और यहां तक कि यह भी देखते हुए पाएंगे कि आपने अपनी डिनर प्लेट में क्या और कितना छोड़ा है। वे गुपचुप ढंग से इन बातों को नोट करते हैं और यह जानकारी बैंकर को भेज देते हैं क्योंकि आप जो फेंकते हैं, उससे पता चल जाता है कि आपने एक दिन पहले किस चीज का उपभोग किया था। यह एक ऐसा कॅरियर विकल्प है जो पश्चिमी जगत में तेजी से उभर रहा है।
कई लोगों को चीजें इकट्ठा करने की आदत होती है और वे अपनी अलमारियों और स्टोर रूम में ऐसी चीजें भरे रहते हैं, जिनकी फौरी तौर पर जरूरत नहीं होती। यही सामान कुछ दिनों के बाद कचरे की पेटियों में नजर आता है। इसका सीधा असर यह होता है कि खाने और पीने का आपका खर्चा प्रस्तावित खर्चे से कहीं ज्यादा हो जाता है।
मनोविज्ञानियों का कहना है कि हर आय वर्ग में इस तरह चीजें जुटाने वाले लोग होते हैं। ब्रिटेन के नॉर्थेम्पटन में स्थित स्मिथ कॉलेज में साइकोलॉजी के प्रोफेसर व जमाखोरी के विशेषज्ञ रैंडी फ्रॉस्ट का कहना है कि ऐसे कई लोग हैं जो अक्सर यह बात भूल जाते हैं कि उनके पास चीजें खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा या इन्हें रखने के लिए पर्याप्त जगह है भी या नहीं। बैंकरों का मानना है कि मंदी जैसे बाहरी कारकों की मार पड़ने पर ऐसे लोगों का कर्ज खाता बुरी तरह प्रभावित होता है।
हाल ही में मुझे एक किताब ‘रबिश! द आर्कियोलॉजी ऑफ गार्बेज’ पढ़ने का मौका मिला। इस किताब ने ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी को एक नया शब्द ‘गाबरेलॉजी’ दिया है। यह लोगों के समसामयिक व्यवहार के बारे में दिलचस्प जानकारी प्रदान करती है। यह किताब कहती है कि जब लोगों से पूछताछ की जाती है तो उनका कहना होता है कि वे बहुत कम बर्बाद करते हैं, लेकिन यदि आप उनके घर पर जाकर उनके कचरे के डिब्बों को देंखे तो कुछ और ही कहानी नजर आएगी। आप चीजों को बेवजह इकट्ठा या उनकी बर्बादी करते हैं तो आपके पास अपने कर्जे को चुकाने के लिए ज्यादा पैसा नहीं होगा।