Chandigarh
‘लाइफ स्टाइल में बदलाव बना घातक’
भास्कर न्यूज Sunday, October 25, 2009 02:21 [IST]  

चंडीगढ़. लाइफ स्टाइल में आए बदलाव और शारीरिक गतिविधि न होने के कारण लोगों को बीमारियां घेर रही हैं। दिल की बीमारी की बात करें तो पहले यह बीमारी उच्च वर्ग में ज्यादा देखने को मिलती थी, लेकिन अब यह बीमारी हर वर्ग में हो रही है।



दिल की बीमारी जिस गति से बढ़ रही है, उसको देखते हुए आशंका है कि वर्ष 2010 तक देश में सबसे ज्यादा मौतें इसी बीमारी से होंगी। पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. केके तलवार ने यह बात कही। वे इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेस एकेडमी ‘इम्साकोन—09’ की ओर से जीएमसीएच में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव में बोल रहे थे।



उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों में दिल के रोग मात्र पांच फीसदी की दर से बढ़ रहे हैं जबकि भारत में यह आंकड़ा 20से 25 फीसदी का है। जोकि खतरे की घंटी है। कॉन्क्लेव में देशभर से करीब 250 डॉक्टर हिस्सा ले रहे हैं। इसमें ज्यादातर डॉक्टर सर्जरी के हैं। कॉन्क्लेव का उद्घाटन श्रीलंका के हेल्थ केयर एंड न्यूट्रीशियन मंत्री और विश्व स्वास्थ्य परिषद के प्रेसिडेंट निमल सिरीपाला डिसिल्वा ने किया। कॉन्क्लेव 25 अक्टूबर को भी चलेगा।



न्यूट्रीशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर डॉ. बी शशिकरण ने खाने में पौष्टिक पदार्थ पर्याप्त मात्रा में न मिलने व समय पर खाना न खाने की वजह से बीमारियां बढ़ने की बात कही। जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. राजबहादुर ने स्वागत संदेश में संस्थान की उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में बताया। कॉन्क्लेव में सुबह के सत्र में 4 साइंटिफिक सत्र आयोजित किए गए।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: