मोगा दो कैदियों के झगड़े ने शनिवार को जेल प्रशासन की कलई खोलकर रख दी। मोगा सब जेल में सुबह बैरक नंबर तीन में बंद दो विचाराधीन कैदियों में जमकर लात-घूंसे, चप्पल-जूते चले। जेल में मौजूद दूसरे कैदियों ने काफी मुश्किल से दोनों को शांत किया।
सूत्रों का कहना है कि जेल में मौजूद कैदी मोबाइल फोन रखते हैं, पिछले दिनों एक कैदी का मोबाइल फोन चोरी हो गया था। शक के चलते उसने दूसरे कैदी के पर्स की तलाशी ली तो मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
जेल सूत्रों का कहना है कि करीब चार महीने पहले भी फर्जी पासपोर्ट मामले में नौ महीने से सजा काट रहे गांव गिल निवासी मंजीत सिंह का नकली करंसी मामले में जेल आए दिलबाग सिंह नामक कैदी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। उस समय गुरजंट सिंह ने दिलबाग सिंह की मदद की थी।
उस समय भी इस बात को लेकर गुरजंट सिंह और मंजीत सिंह में हाथापाई हुई थी, लेकिन जब जेल प्रशासन ने मामले को रफा—दफा कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों मंजीत सिंह का मोबाइल फोन जेल से चोरी हो गया था। मंजीत सिंह को शक था कि गुरजंट सिंह ने उसका मोबाइल फोन चोरी किया है।
दोनों सब जेल की बैरक नंबर तीन में ही रहते हैं। शनिवार की सुबह बैरक नंबर तीन के कैदी मंजीत सिंह ने उसी बैरक के दूसरे कैदी गुंरजट सिंह के बैग की तलाशी लेनी शुरू कर दी। गुरजंट सिंह को जब इस बात का पता चला तो दोनों में फिर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मंजीत सिंह और गुरजंट सिंह के अंदर बैरक में लात घूंसे चप्पल चलने शुरू हो गए। गुरजंट सिंह ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी जेल के अंदर डच्यूटी पर तैनात हवलदार बख्शीश सिंह को दी।