लुधियाना. पैसा कमाने के लिए मेहनत से ज्यादा तीन दोस्तों को चोरी व छीना झपटी का रास्ता आसान लगा। ‘ईजी मनी’ के फितूर ने इतना असर डाला कि जेल की सलाखें भी उन्हें सुधार नहीं पाईं। जेल से बाहर निकलते ही नीम वाला चौक निवासी कुलदीप कुमार उर्फ सनी और मोचपुरा बाजार निवासी रमन कुमार उर्फ बावा ने वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
इस बार आरोपियों ने खुड्ड मोहल्ले के रहने वाले दीपक जैन उर्फ मोटा को भी साथ में शामिल कर लिया। आरोपियों ने डेढ़ महीने में वाहन चोरी की सात से अधिक वारदातों को अंजाम दे दिया। अब उक्त तीनों युवक सीआईए स्टाफ —2 के हाथ चढ़ चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस को चोरी कीसात मोटरसाइकिलें और चाबियों के गुच्छे बरामद हुए हैं। यह मोटरसाइकिल आरोपियों ने खाली प्लाटों में छुपा कर रखे हुए थे।
कुलदीप कुमार उर्फ सनी व रमन कुमार उर्फ बावा पर पहले भी छीना झपटी व चोरी के मामले दर्ज हैं। सराभा नगर के पास तेजधार हथियार से घायल कर लैपटॉप छीनने के मामले में गिरफ्तार होने के बाद से वह जेल में थे। दोनों करीब डेढ़ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आए हैं। बाहर आते ही उन्होंने दीपक जैन को भी साथ मिला लिया।
डीएसपी (डिटेक्टिव) वरिंदर बराड़ के अनुसार आरोपियों ने ज्यादा वारदातें माल रोड, नई कचहरी, क्लब रोड आदि क्षेत्रों में की हैं। आरोपी चाबियों से मोटरसाइकिल खोल लेते थे। शुक्रवार शाम सूचना मिलने पर सीआईए स्टाफ पुलिस ने टी—प्वाइंट टिब्बा रोड पर नाकाबंदी कर तीनों आरोपियों को धर लिया।
आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार थे। जांच में पता चला कि दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की हैं। पुलिस जांच में आरोपियों के पास चोरी के पांच और मोटरसाइकिलें होने का पता चला।
सीआईए—2 इंचार्ज दिलप्रीत सिंह के अनुसार आरोपी कुलदीप सिंह का शॉल की दुकान है। उसका पिता कत्ल के आरोपी में जेल में बंद हैं। दीपक जैन का भी शॉल का काम है। ये लोग नशे के आदी नहीं हैं, लेकिन जल्द पैसा कमाने की चाहत में वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।