लुधियाना. यह तो भई आ बैल मुझे मार वाली बात हो गई। सब जानते हैं कि बैंकों के एटीएम नोटों से लबालब रहते हैं। चोर, लुटेरे भी इस बात से अंजान नहीं। गाहे—बगाहे वह बैंकों के एटीएम से तोड़ फोड़ कर रुपए निकलवाने की कोशिश करते रहे हैं। कायदे से इन घटनाओं के बाद बैंक प्रबंधकों और पुलिस को चौकन्ना हो जाना चाहिए था। कम से कम रात में तो एटीएम हरगिज खाली नहीं रहने चाहिए, लेकिन इतना सोचने का वक्त किसके पास है?
एक बात मान लीजिए बैंकों में पड़ी आपकी और हमारी खून पसीने की गाढ़ी कमाई सुरक्षित नहीं है। दैनिक भास्कर की लाइव रिपोर्टिग टीम शनिवार रात बैंक के प्रबंधों और पुलिस की चौकसी को चैक करने के लिए पहुंची। देख कर हैरानी हुई एटीएम पर न तो कोई गार्ड था और न ही आसपास कोई पुलिस वाला नजर आया।
कहने को एटीएम केबिन में सीसीटीवी कैमरा लगा है। सवाल यह है कि सीसीटीवी कैमरे में अगर आरोपी की हरकतें कैद भी हो जाती हैं तो 35 लाख की आबादी वाले शहर में एक आरोपी को पकड़ना फूस के ढ़ेर में से सुई तलाशने के बराबर होगा।
अभी चंद दिन पहले की ही बात है गिल रोड पर स्थित सरकारी बैंक के एटीएम तोड़ने का प्रयास हुआ। शुक्र है कि आरोपी इसे तोड़ कर रुपए निकलवाने में कामयाब नहीं हो पाया। परसों की बात करें तो एक नौसरबाज ने एटीएम केबिन के अंदर से ही यार्न ट्रेडर का एटीएम कार्ड चुरा लिया।
चंद मिनटों में नौसरबाज ने दूसरे एटीएम से जाकर उसके खाते से रुपए निकलवा लिए। ऐसी वारदातों से फिक्रमंद पुलिस अफसर कई बार बैंक प्रबंधकों को ताकीद दे चुके हैं। पुलिस की सारी सिफारिशें बैंक अफसरों के एक कान से होती हुई दूसरे कान से निकल गई।
पीसीआर मुलाजिम रखते हैं नजर : एसएसपी
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल के अनुसार वह कई बार बैंक अफसरों को एटीएम पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात करने को कह चुके हैं। कुछ एटीएम पर गार्ड तैनात हो चुके हैं। वह दोबारा बैंक अफसरों को सुरक्षा प्रबंध पूरे करने को कहेंगे। वैसे पीसीआर मुलाजिम रात को गश्त के दौरान बीट में पड़ते एटीएम केबिनों पर निगाह रखते हैं।