लुधियाना. जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद धीमी गति से चल रही है। पिछले साल अब तक मंडियों में 6,23,677 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका था। इस साल सिर्फ 5,35,417 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो सकी है।
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग से मिले आकंड़ों के मुताबिक अभी तक पनग्रेन ने सबसे अधिक 1,74,017 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। जबकि मार्कफेड 88,242, पनसप 1,11,490, वेयर हाउस 80,169, पंजाब एग्रो 55,212, एफसीआई 21,478 और व्यापारियों ने 4800 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
कोई कह रहा है कि केंद्र की ओर से मापदंड़ों को लेकर की गई सख्ती के कारण खरीद एजेंसियां काफी संभलकर चल रही हैं, जिस कारण मंडियों में खरीद धीमी रफ्तार से हो रही है। दूसरी ओर खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों का तर्क है कि मंडियों में लाया जा रहा धान नमी वाला है। नमी आने पर धान को नहीं खरीदा जा रहा है।
उधर, शनिवार को डीसी विकास गर्ग, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक एचएस मोखा और पंजाब एग्रो इंडस्ट्री कारपरेरेशन के चेयरमैन शरणजीत सिंह ढिल्लो ने कूमकलां और खासी कलां की मंडियों में धान की खरीद का जायजा लिया। ढिल्लो ने कहा कि किसानों को मंडियों में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
छुट्टियों वाले दिन भी धान की खरीद करवाई जा रही है। डीसी ने किसानों से अपील की है कि धान की कटाई के बाद वे पराली को न जलाएं। इस मौके पर उनके साथ सरपंप बलविंदर सिंह, जगीर सिंह, हरचरण सिंह, सुखदेव सिंह, राज सिंह आदि मौजूद थे।