नाभा. नई अनाज मंडी में धान की लिफ्टिंग न होने से जहां किसानों व आढ़तियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं मंडी में लगातार समस्या गंभीर होती जा रही है। उधर आढ़ती एसोसिएशन ने प्रधान प्रेम गोयल की अध्यक्षता में फैसला लेते हुए धान की होने वाली बोली का अनिश्चित समय लिए बॉयकाट कर दिया गया है।
आढ़तियों का कहना है कि जब तक मंडी में पड़े धान को नहीं उठाया जाता तब तक वो धान की बोली नहीं करेंगे। बता दें कि एक हफ्ते से लगातार लिफ्टिंग की समस्या हो रही है। इस समय भी पांच लाख से ज्यादा धान की बोरियां पड़ी हैं। इस संबंध में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोयल ने बताया कि सरकारी खरीद कर रही 6 एजेंसियों द्वारा लिफ्टिंग सही ढंग से नहीं हो रहा है।
मंडी में किसान हरपाल सिंह ने बताया कि कई दिनों से उन्हें मंडी में रुकना पड़ रहा है। मंडी में फसल रखने की जगह न होने से उनकी फसल तहसील कांप्लेक्स व पशुओं की मंडी में पड़ी है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द लिफ्टिंग कराए।
डीसी ने लिया धान प्रबंधों का जायजा: पटियाला के डीसी दीपइंदर सिंह ने नई अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं जानी।
डीसी ने आढ़तियों को भरोसा दिलाया कि सोमवार से लिफ्टिंग में पूरी तेजी आ जाएगी। डीसी ने सभी खरीद एजेंसियों को लिफ्टिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। आढ़तियों के बायकाट संबंधी उन्होंेने कहा कि सोमवार से लिफ्टिंग तेज हो जाएगी तो बोली भी शुरू हो जाएगी। इस मौके पर एसडीएम बलराज सिंह सेखों, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रेम गोयल, मार्केट कमेटी के सचिव सोमपाल आदि भी थे।
एसडीएम नाभा बलराज सिंह सेखों ने इसके बारे में कहा कि वे मानते हैं कि नाभा मंडी में पांच लाख से ज्यादा धान की बोरियां पड़ी हैं। मगर दो दिन के अंदर ही इस सारी लिफ्टिंग की समस्या को हल कर दिया जाएगा।
धान खरीद न होने पर किसानों ने लगाया जाम
धान की खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने रविवार को गांव ढैठल के पास धरना लगाकर नारेबाजी की। धरने के कारण समाना पटियाला मार्ग पर वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने बताया कि जब तक धान खरीद का काम सामान्य नहीं होता वह अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे।
गांव बादशाहपुर कालेकी के किसान रणधीर सिंह, दर्शन सिंह, जगतार सिंह, गांव पहाड़पुर के तेजा सिंह, सुखविंदर सिंह मिआला ने बताया कि उनके धान खरीद केंद्र पर पहले पनग्रेन एजेंसी धान खरीद रही थी। मगर दो दिन से पनग्रेन को हटाकर वहां भारतीय खाद्य निगम को खरीद के लिए लगा दिया है।
खाद्य निगम ने दो दिन में मात्र एक ढेरी धान ही खरीदा है। उसकी धीमी रफ्तार से मंडी में धान का अंबार लग गया है। किसानों ने बताया कि अकेले गांव ढैठल खरीद केंद्र पर ही पचास हजार कटटे धान जमा हो गया है। इससे किसानों को खरीद केंद्रों पर ही बैठना पड़ रहा है। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था और कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
गौरतलब है कि इससे पहले ग्रामीण खरीद केंद्रों पर एफसीआई को छोड़कर दूसरी एजेंसीज को खरीद के लिए लगाया गया था। मगर इस बार एफसीआई को लगा दिया गया है। एफसीआई के अधिकारी धान में नमी अधिक बताकर खरीदने में आनाकानी करते हैं। इसी कारण धान के मंडियों में अंबार लगे हैं। एफसीआई की इस कार्यशैली से किसानों में रोष है।