चंडीगढ़. पिछले तीन साल से पंजाब में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा युवक सेवाएं विभाग को एक भी पैसा जारी नहीं किया गया है। जिसके चलते राज्य में यूथ सर्गर्मियां ठप पड़ी हैं।
बेशक पंजाब में यह विभाग राज्य के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के पास है, परंतु फिर भी राज्य सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। विभाग के विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2007-08 से लेकर अभी तक सरकार द्वारा कोई पैसा रिलीज नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा वर्ष 2009 10 के लिए सरकार को राज्य में यूथ गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए 3.85 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बना कर भेजा गया था। सरकार ने विभिन्न कार्यो के लिए 2 करोड़ 28 लाख 71 हजार रुपए की राशि मंजूर की थी। परंतु सरकार द्वारा इनके लिए एक भी पैसा जारी नहीं किया गया। बेशक इसमें से केंद्र सरकार का शेयर 65 फीसदी राशि भी आ चुकी है। पंरतु पंजाब सरकार द्वारा न तो अपने हिस्से तथा न ही केंद्र सरकार द्वारा जारी पैसा विभाग को भेजा जा रहा है। एक तरफ पंजाब सरकार द्वारा युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए प्रोग्राम बनाने के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ युवक सेवाएं व खेल विभाग द्वारा युवक गतिविधियों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
इन कार्यो के लिए भेजा गया था प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार इस बार जिन कार्यो के लिए विभाग ने सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा था उनमें यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम, यूथ फेस्टिवल व अवार्ड घोषित करने, यूथ क्लबों को ग्रांट देने, अंतरराज्जीय दौरों के लिए, राष्ट्रीय युवक दिवस व सप्ताह मनाने, पंजाब युवा भवन के निर्माण करने के लिए, यूथ हॉस्टल के रखरखाव के लिए, राज्य स्तरीय एनएएसएस सेल के लिए ग्रांट प्रयोग करने का प्रस्ताव शामिल था।
एक दो दिनों में होगी डिप्टी सीएम के साथ बैठक
एक दो दिनों में इस संबंध में डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल जिनके पास संबंधित विभाग है के साथ वे बैठक करके उनसे निवेदन करेंगे कि राज्य में यूथ वर्ग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष ध्यान दें। जिससे कि राज्य के युवकों को खेल व सामाजिक गतिविधियों की तरफ आकर्षित किया जा सके।
गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना, चेयरमैन युवक बोर्ड, पंजाब