चंडीगढ़. पंजाब को हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर से जोड़ते व सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण रोपड़ के सतलुज दरिया पर बने पुल की मरम्मत को लेकर राज्य के करोड़ों लोग पंजाब के डिप्टी सीएम की ओर देख रहे हैं।
कभी नए मोहाली-फगवाड़ा एक्सप्रेस वे के स्वप्न देखने वाले डिप्टी सीएम सरकार के ढाई साल बीत जाने के बाद भी इस पुल की खस्ता हालत को सुधार नहीं पाए हैं। जबकि सीएम, डिप्टी सीएम व लोक निर्माण मंत्री कई बार इस पुल की रिपेयर के दावे कर चुके हैं। करीब 0.84 किलोमीटर लंबे इस पुल की रिपेयर कराने की तरफ सरकार का ध्यान क्यों नहीं है? यह सवाल आम जनता की जुबान पर है। प्रतिदिन हजारों लोगों को इस पुल पर बने गड्ढों का सामना करना पड़ता है।
वर्ष 1952 में बने इस पुल से एक अनुमान के अनुसार लगभग 20 हजार छोटे बड़े वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। गड्ढों के चलते अक्सर पुल पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर आने जाने वाले लोगों को तो पुल से परेशानी होती ही है, पुल के आसपास बसे लोगों में भी पुल की मुरम्मत न होने के कारण भारी निराश है।
नवंबर में पूरा होगा मुरम्मत का काम
पजांब के लोक निर्माण विभाग के सचिव कुलबीरि सिंह ने बताया कि सतलुज दरिया पर बने पुल का निर्माण कार्य नवंबर माह के दौरान पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए पुल पर ट्रैफिक बंद करना जरूरी है। आगामी एक सप्ताह में रोपड़ समेत निकटवर्ती जिलों मोहाली, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब आदि के डीसी व एसएसपी से बैठक करके पुल को बंद किया जाएगा, ताकि लोगों को इस बारे अवेयर करके रूट डाईवर्ट किए जा सके।
अभी विभाग विचार कर रहा है कि पुल को कुछ दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाए तथा इसकी मुरम्मत शुरू कर दी जाए या रात के समय ही ट्रैफिक बंद करके मुरम्मत की जाए। इस पुल व इस मार्ग पर पड़ते सरहिंद व बिस्त दोआब नहरों पर बने पुलों की मुरम्मत के लिए एक फर्म को टेंडर अलॉट हो चुके हैं।