चंडीगढ़. अब होटलों, रेस्टोरेंट, ईटिंग हाउस, बोर्डिग हाउस और स्नैक बार में नगर निगम के स्लॉटर हाउस का मुहर लगा मीट ही पक सकेगा। इसके लिए उन्हें नगर निगम से लाइसेंस भी लेना होगा। बगैर मुहर लगा मीट या चिकन मिला तो निगम का मीट सुपरवाइजर उसे जब्त कर फिंकवा देगा। निगम की 30 अक्टूबर की बैठक में मीट, फिश और पोल्ट्री बायलॉज -2002 में संशोधन के बाद शहरवासियों को ताजा और स्वच्छ मीट मिलने लगेगा।
बायलॉज का उल्लंघन करने पर 1000 तक जुर्माना: बायलॉज में होने वाले संशोधन के मुताबिक शहर के सभी मीट विक्रेताओं को इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करके एयर कंडीशन और फ्रिज का तापमान निर्धारित करना होगा। मीट बेचने वाली दुकानों की दीवारों और सीलिंग वॉल पर साल में दो बार पेंट या सफेदी भी करानी होंगी। दुकानदार को स्लॉटरिंग किए हुए मीट या चिकन को छोटे टुकड़ों में करने के बाद बहने वाले खून को तुरंत सीवरेज में बहाना होगा। बायलॉज का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना होगा।
आसपास नहीं फैलेगी बदबू
प्रारूप में कहा गया है कि इस प्रक्रिया से बर्डस के पंख और दूसरा वेस्ट दुकानों में नहीं पहुंचेगा। दुकानों के आसपास रह रहे लोगों को बदबू से छुटकारा मिलेगा। मीट वेस्ट गारबेज यूनिट तक भी नहीं जा सकेगा।
कोई भी लाइसेंसी मानव उपयोग के अयोग्य और बासी मीट, फिश और चिकन की खरीद और बिक्री नहीं कर सकेगा। मीट को मिट्टी और मक्खियों से बचाने के लिए ढककर रखना होगा। दुकान के आगे लाइसेंस को लगाना होगा। इसके अलावा दुकानों में ऐसे कर्मचारी नहीं रखे जा सकेंगे जिन्हें किसी प्रकार का इंफेक्शन है। इस कर्मचारी का हर माह निकटस्थ प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र और एमबीबीएस डॉक्टर से चेकअप कराकर सर्टिफिकेट भी रखना होगा।
दुकानों पर नहीं होगी स्लॉटरिंग
बायलॉज के संशोधित प्रारूप के मुताबिक विक्रेता अपनी दुकानों पर मीट, फिश और चिकन की स्लॉटरिंग नहीं कर सकेंगे। विक्रेताओं से बर्डस को निगम अपने कब्जे में लेकर स्लॉटर करेगा। फिर उन्हें निगम को सौंपेगा। इसके बाद ही दुकानदार बेच सकेंगे। इसके लिए दुकानदारों को प्रति बर्ड की स्लॉटरिंग के पांच रुपये निगम के पास जमा कराने होंगे।