सर्दी ने दस्तक दे दी है। परंपरागत तौर पर घरेलू गैस की डिमांड व सप्लाई में गैप शुरू हो गया है। अगले दिनों में गैस गीजर में भी घरेलू गैस का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। लब्बोलुआब ये है कि एलपीजी गैस के लिए लाइनों में लगकर जद्दोजहद करने का वक्त आ गया है।
ऐसे में शहर के ढाबों, स्वीट शॉप, रेहड़ियों व रेस्टोरेंट व होटलों समेत व्यवसायिक परिसरों में घरेलू गैस का इस्तेमाल दिक्कत को और बढ़ाएगा। दैनिक भास्कर की लाइव रिपोर्टिग की प्रतिक्रिया में उपभोक्ता लगातार यह शिकायत कर रहे थे कि उन्हें घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी गैस मिल नहीं पाती, जबकि उसका व्यवसायिक इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है, जो गैरकानूनी है।
लाइव रिपोर्टिग टीम ने रविवार को चेक किया तो अधिकतर जगह घरेलू गैस का दुरुपयोग होता मिला। बता दें कि घरेलू गैस का व्यावसायिक प्रयोग करने पर फूड सप्लाई डिपार्टमेंट दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है। मैं अपने साथी फोटो जर्नलिस्ट के साथ घरेलू गैस का उपयोग व्यवसायिक तौर पर करने वालों को बेनकाब करने के लिए निकला।
12:15 बजे का समय है, हम पुरानी कचहरी चौक पर खड़े हैं, यहां पर पार्टी चल रही थी। सड़क के किनारे खाना पकाया जा रहा है। इसमें घरेलू गैस सिलेंडरों का प्रयोग किया जा रहा है। अब हम यहां से डीएमसीएच के सामने बने ढाबों पर पहुंचे। समय 12:25 है। यहां भी हर ढाबे पर घरेलू गैस सिलेंडरों का प्रयोग हो रहा है।
ढाबा मालिकों ने खुले में ही सिलेंडरों को रखा है। इन्हें न तो विभाग का डर है और न ही किसी अधिकारी का। इसके बाद हम पहुंचे रेलवे स्टेशन के पास। अब वक्त 12:45 हो चुका है। यहां भी ढाबा मालिकों और रेस्टोरेंटों में पहले जैसे ही स्थिति देखने को मिली। यहां पर ढाबा संचालकों ने इतनी चालाकी जरूर की थी कि ढाबे के बाहर कॉमर्शियल सिलेंडर रखे थे, जबकि अंदर घरेलू सिलेंडर प्रयोग किया जा रहा है।
इतना ही नहीं शहर की हर रेहड़ी पर भी घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। बावजूद इसके विभाग की तरफ से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आज से शुरू होगी जांच : राकेश भास्कर
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू गैस के दुरुपयोग का जायजा लेने के बाद हमने डिस्ट्रिक्ट फूड सप्लाई कंट्रोलर राकेश भास्कर से इस संबंध में बात की। उन्होंने बताया कि समय—समय पर जांच होती है। स्टाफ की कमी के कारण लगातार छापेमारी करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सोमवार से सभी रेस्टोरेंटों, ढाबों व अन्य व्यवसायिक परिसरों में जांच की जाएगी। जहां पर भी घरेलू गैस का दुरुपयोग होता मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।