Raipur
हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
नगर संवाददाता Tuesday, October 27, 2009 02:47 [IST]  

रायपुर. पचपेढ़ी नाका फ्लाईओवर का मुद्दा इतना गरमा चुका है कि एक बाद एक कई संगठन इस मुहिम के समर्थन में कूद पड़े हैं। सामाजिक कार्यकर्ता युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर जमकर भड़ास निकाली और जल्द परेशानी दूर नहीं होने की स्थिति में सड़क की लड़ाई लड़ने के साथ कोर्ट में शरण में जाने की भी चेतावनी दी है। इधर, स्थानीय लोगों की संघर्ष समिति ने बुधवार को फ्लाईओवर के नीचे धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है।



अधूरे फ्लाईओवर से नागरिकों को होने वाली दिक्कतों को लेकर भास्कर ने पखवाड़ेभर से मुहिम चला रखी है। इसको मिले जबर्दस्त जनसमर्थन का ही असर है कि प्रशासन और कंस्ट्रक्शन कंपनी को झुकना पड़ा, वहां सर्विस रोड बनकर तैयार हो गई। इससे ट्रैफिक स्मूथ हुआ है। जाम की समस्या से भी थोड़ी राहत मिली है लेकिन लोग इतने भर लोग संतुष्ट नहीं हैं। सामाजिक संगठन अब वहां धूल पर पूरी तरह कंट्रोल किए जाने की मांग पर अड़ गए हैं।



स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात को होने वाली दुर्घटनाओं पर खासे नाराज हैं। इन्हीं समस्याओं से कलेक्टर संजय गर्ग को अवगत कराने सामाजिक कार्यकर्ता युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन भंसाली, पार्थ घोष, अरुण छाबड़ा, नवल तिवारी, प्रतीक पाठक समेत कई लोग कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचे। वहां ज्ञापन सौंप कर तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई। गौरतलब है कि स्थानीय लोगों ने संघर्ष समिति बनाई। समिति के पदाधिकारी नवीन पांडे, पराग वालिया, संतोष तिवारी, सूरज सोनी, प्रकाश अठवानी, सुरेश उपाध्याय समेत कई लोग धरना प्रदर्शन करके वे फ्लाईओवर के इर्दगिर्द पूरी तरह व्यवस्था ठीक किए जाने के लिए दबाव बनाएंगे।



खतरे में कालोनी वाले : रिंग रोड को फोर लेन में तब्दील किए जाने के बाद होने वाली परेशानियों के बारे लोग सोचकर ही बिफर पड़ते हैं। रिंग रोड के दूसरी तरफ कालोनियों में रहने वाले लोगों को सड़क पार में जान खतरा बढ़ जाएगा।



ऐसी स्थिति में रिंग रोड पर जगह-जगह अंबरब्रिज अथवा फुटओवरब्रिज बनाए जाने की जरूरत पड़ेगी लेकिन प्रशासन इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रहा। हालांकि फोनलेन का ट्रैफिक प्लान तैयार करते वक्त पुलिस के आला अधिकारियों ने इस चिंता से शासन को अवगत करा दिया है। अफसरों ने संतोषीनगर, राजेंद्रनगर और तेलीबांधा के पास ओवरब्रिज बनाए जाने की सिफारिश की थी। यह प्रस्ताव भी अधर में लटका हुआ है।

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