लुधियाना. जब तक भ्रूण बनकर कोख में पल रही होगी, तब तक मां ने उसे प्यार से दुलारा होगा, लेकिन जैसे ही वह दुनिया में आई ममता बेइमानी हो गई। धरती पर भगवान का रूप कही जाने वाली मां ने अपने दुधमुंही नवजात बच्ची को सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया। भला हो कृष्णा कालोनी भामियां रोड के रहने वाले कमल बहादुर का, जिसने बच्ची को देख लिया। कमल ने बच्ची को देखकर इसकी सूचना थाना फोकल प्वाइंट पुलिस को दी।
पुलिस ने बच्ची को उठा कर वरदान अस्पताल में भर्ती करा दिया है। चंद दिनों में यह नवजन्मी बच्ची के सड़क पर मिलने की दूसरी घटना है। इससे पहले थाना शिमलापुरी पुलिस को लावारिस हालत में नवजन्मी बच्ची मिली थी। बच्ची को जानवरों ने नोच लिया था। लोगों की निगाह पड़ने पर उसे सड़क से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बच्ची बच नहीं पाई थी।
यह बच्ची जीवन नगर के मैदान के पास साइकिल स्टैंड के पास पड़ी मिली। इलाके के रहने वाले कमल बहादुर की नजर उस बच्ची पर पड़ी। उसने बच्ची को उठाया और पुलिस को सूचना दी। कयास हैं कि यह किसी अविवाहित मां का काम हो सकता है, जिसने लोक लाज से बचने के लिए बच्ची को यहां फेंक दिया होगा।
या किसी रुढ़िवादी परिवार का, जो लड़कियों को लड़कों से कमतर मानते हैं। मामले की जांच कर रहे थाना फोकल प्वाइंट के एएसआई जगदीश राज के अनुसार बच्ची कुछ घंटे की ही लगती है। कमल बहादुर और उसका परिवार अस्पताल में बच्ची की देखभाल कर रहा है।