पटियाला. पंजाबी यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के मुखिया की वजह से कई विद्यार्थी इन दिनों परेशान हैं। कारण यह है कि पीएचडी करने के इच्छ़ुक विद्यार्थी 6 महीनों से आवेदन पत्र पर उनके हस्ताक्षर के लिए धक्के खा रहे हैं। और साहब हैं कि उनके पास हस्ताक्षर करने का समय ही नहीं है।
दरअसल लॉ डिपार्टमेंट के कई विद्यार्थी ऐसे हैं जिनके पीएचडी करने के आवेदन पत्र पर विभाग के मुखिया डा. रवि किरण साइन नहीं कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कितनी ही बार उनके पास गए मगर वे हर बार टालते आ रहे हैं।
गाइड की स्वीकृति मिल चुकी है: पीएचडी करने के लिए गाईड की स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन विभाग के मुखिया के साइन जरूरी होते हैं। जिसके बाद रिसर्च विभाग ने एनरोलमेंट करनी होती है। इसके बारे में स्टूडेंट्स ने वीसी जसपाल सिंह से भी बात की है और वीसी ने जल्द ही मामले को निपटाने के लिए कहा है।
इससे पहले भी विभाग के मुखिया ने एक जज की पीएचडी थीसिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। जिससे कि निर्धारित तिथि से थीसेस सब्मिट करवाने में जज को देरी हो गई थी और उन्हें नियमों के मुताबिक 2 हजार रुपए जुर्माना भरना पड़ा था।
भाई गुरदास कालेज के यादविंद्र सिंह का आवेदन पत्र 6 महीनों से, इसी कालेज की अंजन शर्मा का 6 महीने से, मानसा की गगनदीप कौर का 5 महीनों से, मुक्तसर की हरप्रीत कौर का 4 महीने से, लुधियाना की निर्मल कौर का 5 महीने से, पीयू के लॉ विभाग के अमनइंद्र सिंह का कई महीनों से, कंवर गुरप्रीत सिंह की 2 महीनों से, डेराबस्सी के मनोज कुमार का दो महीनों से, टीबी अस्पताल के मुखिया डा. जयकिशन के बेटे अनमोल रत्न का आवेदन पत्र हस्ताक्षर के लिए इंतजार कर रहा है।
क्या कहते हैं मुखी
इसके बारे में जब विभाग के मुखिया डा. रवि किरण से पूछा गया तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि विभाग के मुखिया होने की वजह से बहुत से और काम भी रहते हैं। सिर्फ फाइलों में दस्तख्त करने का काम नहीं है। जल्द ही साइन कर दूंगा। इसके बारे में वीसी जसपाल सिंह ने कहा कि मेरी नजर में मामला है। जल्द ही कुछ होगा।