पटियाला. बिना वेतन के काम कर रहे जंगलात कारपोरेशन के डेलीवेज मुलाजिमों के वेतन देने के लिए विभाग एक बार रणनीति का सहारा लिया। पिछले 6 महीनों का वेतन के काम रहे मुलाजिमों को कुछ महीनों का वेतन देकर विभाग के अधिकारियों ने टालमटोल वाला रवैया अपनाया।
हालांकि विभाग के पास बजट पड़ा था, लेकिन फिर भी डेलीवेज मुलाजिमों को उनका पूरा बकाया भुगतान न कर दो से तीन महीने का वेतन अपने पास बकाया रख लिया है। वहीं विभागीय सूत्र बताते हैं कि डेलीवेज मुलाजिमों को जहां पटियाला के अन्य ब्लाकों में सभी डेलीवेज मुलाजिमों को बकाया वेतन अदा कर दिया है, वहीं दूसरी ओर कुछ ब्लाकों में मुलाजिमों का वेतन रोक दिया गया है।
आखिर क्यों हुआ भेदभाव..गौर हो कि जंगलात कारपोरेशन ने बस्सी पठाना, राजपुरा में जहां सभी डेलीवेज मुलाजिमों को बकाया वेतन की राशि जारी कर दी है, वहीं पटियाला व समाना में अभी भी मुलाजिम पूरी तनख्वाह पाने से वंचित हैं।
हालांकि सभी डेलीवेज मुलाजिमों के वेतन पिछले 6 महीने से रुके हुए थे लेकिन विभाग ने अन्य ब्लाकों को पूरा वेतन जारी कर बाकियों के रोक कर टालमटोल करना शुरू कर दिया है। दीवाली के आसापास भुगतान किया वेतन में बकाया राशि पाने के लिए मुलाजिम लगातार विभाग के अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे हैं। लेकिन हर बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया जाता है।
फिर शुरू हो सकता है संघर्ष
जंगलात कारपोरेशन के मुलाजिम अपना बकाया वेतन पाने के लिए पहले भी काफी संघर्ष का सामना कर चुके हैं। जिसके चलते उन्होंने विभाग के मुख्य आफिस, जिला प्रशासन के आगे व राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर चुके हैं। एक बार फिर उक्त मुलाजिम बकाया वेतन पूरी तरह से न दिए जाने पर संघर्ष शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
उक्त संबंध में जब विभाग के मुलाजिम वर्ग के यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुलाजिमों को अभी वेतन पूरी तरह से जारी नहीं किया गया है। जिसके संबंध में उन्होंने विभाग के डिविजनल मैनेजर के पास मांग भी की थी। लेकिन डीएम बदलने के कारण मांग लटक गई थी, लेकिन अब संघर्ष के जरिए ही वेतन हासिल करने पर विचार चल रहा है।