पटियाला. सीआईए स्टाफ पटियाला द्वारा कुछ कथित पत्रकारों का भंडाफोड़ करने के बाद भी अभी पूरा तालाब साफ नहीं हुआ है। पटियाला में फर्जी टीवी पत्रकारों द्वारा चलाया जा रहा सेक्स रैकेट तो मात्र बानगी है।
हकीकत तो यह है कि तालाब को गंदा करने में कुछ बड़ी मछलियां भी सक्रिय हैं। सूचना यह है कि सेक्स रैकेट का खुलासा होने के बाद पत्रकारिता की आड़ में गोरखधंधा चलाने वाले नटवरलाल रूपी अन्य फर्जी पत्रकार फिलहाल अंतरध्यान हो गए हैं। मीडिया की ताकत का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का यही एक मामला नहीं है। पटियाला में बड़ी संख्या में फर्जी पत्रकार सक्रिय हैं, जो पुलिस, प्रशासन व अन्य सरकारी महकमों के अलावा नेताओं के बीच अच्छी पैठ बना चुके हैं।
अपनी इसी पहुंच का लाभ उठाकर फर्जी पत्रकार लोगों का काम करवाने की आड़ में उनसे वसूली भी करते हैं। इतना ही नहीं कुछ फर्जी पत्रकार पूरी तरह से गैरकानूनी धंधे में लिप्त हैं। परेशानी यह है कि ऐसे फर्जी पत्रकारों की पहचान मुश्किल से हो पाती है। जब तक उनके कारनामों का पता चलता है तब तक वह अपनी पहुंच इतनी ज्यादा बना चुके होते हैं कि उन पर कार्रवाई संभव नहीं हो पाती।
पुलिस, प्रशासन के लिए दिक्कत यह है कि असली और नकली पत्रकारों में पहचान करना मुश्किल होता है। वजह यह कि फर्जी पत्रकार भी अपने आपको प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान से जुड़े होने का दावा करता है। ऐसे फर्जी पत्रकारों के पास लोगों को संतुष्ठ करने के लिए वह सारी चीजे होती हैं, जो एक पत्रकार की पहचान के जरूरी हों।
बता दें कि शनिवार को सेक्स रैकेट में पकड़े गए राजा, इंद्रपाल सिंह, जगदीश गोयल, गुरप्रीत उर्फ चीनू, जसविंदर भी अपने आपको प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान से जुड़े होने का दावा करते थे।
उक्त फर्जी पत्रकार पैसे वाले लोगों को फंसाने के लिए लड़कियों को इस्तेमाल करते थे। सौदा होने पर जब लड़की अपने शिकार को किसी होटल या अन्य जगह पर ले जाती तभी फर्जी पत्रकार आ धकमते और वीडियो रिकार्डिग करने लगते।
इज्जत बचाने के एवज में ये फर्जी पत्रकार अपने शिकार से लाखों रुपए की वसूली करते थे। शनिवार को अजीमगढ़ निवासी सुच्चा सिंह की शिकायत पर इस फर्जी पत्रकारों की ब्लैकमेलिंग का खुलासा हो गया।
पत्रकार न्यायिक हिरासत में
कालगर्ल का इस्तेमाल कर पैसे वाले लोगों को ब्लैकमेल करने वाले फर्जी पत्रकारों को सीआईए स्टाफ पटियाला ने सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों राजा, जसविंदर व उनकी सहयोगी कालगर्ल विशाखा को कोर्ट में पेश करने के दौरान सरकारी वकील ने अदालत से पांच दिन का पुलिस रिमांड मांगा था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया और आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
इसके साथ ही सीआईए स्टाफ ने उक्त आरोपियाें को जेल भेज दिया। बता दें कि शनिवार को गिरफ्तार किए गए फर्जी पत्रकारों के अन्य साथी जगदीश गोयल, सन्नी, गुरप्रीत उर्फ चीनू अभी फरार हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार फरार आरोपियों के मोहाली अथवा चंडीगढ़ में छिपे होने की आशंका है। सीआईए पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए मोहाली और उसके आसपास छापामारी कर रही है। आरोपियों पर अजीमगढ़ निवासी सुच्चा सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।