लुधियाना. नगर निगम ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर आखिरकार लक्कड़ पुल रेलवे ओवर ब्रिज की एलाइनमेंट में आ रही दुकानों को हटा दिया। सोमवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई में निगम ने एक साथ करीब पांच दर्जन दुकानों को धराशायी कर दिया। हालांकि इस दौरान छिटपुट विरोध के स्वर तो उठे, लेकिन खास बात यह रही कि ज्यादातर दुकानदारों ने खुद आगे बढ़कर निगम को सहयोग दिया।
दुकानदारों की पहल से उनके सामान का नुकसान बच गया साथ ही, ऑपरेशन के दौरान लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति भी बनी रही। इतना जरूर था कि दबी जुबान में निगम के ही कुछ ‘चहेते’ दबी जुबान में विरोध को हवा देने की कोशिश में लगे रहे, लेकिन भारी पुलिस बल के सामने उनकी मंशा पूरी न हो सकी।
निगम की कार्रवाई में बिल्डिंग ब्रांच, बीएंडआर ब्रांच, तहबाजारी, बिजली विभाग समेत अन्य विभागों का अमला डटा रहा। कार्रवाई को बिना रुकावट जारी रखने के लिए इस रूट पर ट्रैफिक की आवाजाही भी रोक दी गई। लक्कड़ पुल आरओबी निर्माण जल्द शुरू करने की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद निगम साइट क्लीयरेंस के लिए दुकानों को हटाने का दबाव काफी अर्से से बना हुआ था।
दुकानें हटाने को लेकर निगम अधिकारियों और दुकानदारों के बीच पहले मीटिंगों के कई दौर चले, बात न बनी तो निगम को नोटिस निकालने पड़े। पिछले हफ्ते ही निगम ने सोमवार तक का समय देकर दुकानदारों को आखिरी चेतावनी भी जारी कर दी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुकानदारों ने शनिवार से ही खुद अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह असिस्टेंट कमिश्नर विनोद कुमार शारदा के नेतृत्व में निगम का भारी भरकम अमला मौके पर पहुंच गया।
निगम ने कार्रवाई की शुरुआत अपनी लेखा शाखा की बिल्डिंग के उस हिस्से को गिराकर की, जो आरओबी की एलाइनमेंट में आ रहा था। उसके बाद देखते ही देखते निगम की डिच मशीनों ने दुकानों को गिराना शुरू कर दिया। एक दो बार कुछ दुकानदारों ने हलका विरोध भी किया, जिससे कार्रवाई में थोड़ी रुकावट भी आई। सोसायटी सिनेमा के साथ बनी दुकानें गिराने पर लोगों ने बिल्डिंग ब्रांच अधिकारियों को घेरा, लेकिन बाद में मामला शांत करवा दिया गया।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरे इंतजाम के साथ मौके पर मौजूद रहा। इसकी कमान निगम पुलिस की डीएसपी अमनदीप कौर ने अपने हाथों में रखी। इसके अलावा थाना कोतवाली पुलिस प्रभारी मनजिंदर सिंह भी अपने मातहतों के साथ मौके पर मौजूद रहे। निगम के एक्सईएन प्रोजेक्ट्स एचएस खोसा, तहबाजारी सुपरिंटेंडेंट नवीन मल्होत्रा, एटीपी कमलजीत कौर, एसएस बिंद्रा, एचएस घई समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्रवाई में शामिल थे। दोपहर बाद दस्ते ने माल गोदाम की तरफ बने कुछ खोखे भी गिरा दिए।
शायद तमाशा देखने पहुंचे थे कुछ अफसरदुकानें हटाना निगम के लिए नाक का सवाल था, इसके बावजूद इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कुछ अधिकारी महज तमाशबीन बनकर मौके पर मौजूद रहे। जेबों में हाथ डाले ऐसे अधिकारी शायद ड्यूटी के नाम पर केवल हाजिरी लगाने ही पहुंचे थे। कभी लेबर बुलाने तो कभी मलबा हटाने के लिए वाहनों का इंतजाम करने में खुद असिस्टेंट कमिश्नर ही पसीना बहाते दिखे। कार्रवाई में शामिल निगम स्टाफ की गिनती तीन सौ से ज्यादा होगी, लेकिन ड्यूटी बजाने वाले चंद ही नजर आए। शायद यही वजह है कि निगम की ज्यादातर कार्रवाई या ऑपरेशन धरे के धरे क्यों रह जाते हैं।