इंदौर . भास्कर द्वारा शहर के दो सौ युवाओं पर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग फील्ड उनका ड्रीम जॉब है। टीचर्स को मिल रहे पैकेज और काम की परिस्थितियां युवाओं को आकर्षित कर रही है। इसके बाद बारी आती है फिल्म एंड ग्लैमर, पत्रकारिता और आर्मी की। मेडिकल और कॉमर्स के प्रति अब पहले जैसा रुझान नही रहा।
हर जॉब की चाबी
शहर के 30 फीसदी युवाओं का आकर्षण अब भी मैनेजमेंट की ओर है। उनका मानना है यह कोर कोर्स हो गया है और इसकी डिग्री हर जॉब की चाबी है। इसके बाद किसी भी क्षेत्र में जाना आसान हो जाता है। खुद का बिजनेस करना भी आसान होता है।
दिखाना चाहते हैं क्रिएटिविटी
शहर के दस फीसदी युवा क्रिएटिविटी को करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं। वे जर्नलिस्ट बनकर चुनौतियों का सामना भी करना चाहते हैं तो दूसरी ओर लेखक, कॉपीराइटर, रेडियो जॉकी जैसे कठिन करियर में भी जाने की तैयारी कर रहे हैं।
आज भी सबसे सेफ
सदाबहार इंजीनियरिंग का क्रेज आज भी युवाओं में बरकरार है। 24 फीसदी इंदौरी युवा इसे सेफ करियर ऑप्शन मान रहे हैं। मंदी का असर भी इस पर नजर नहीं आ रहा है। इसमें भी सबसे ज्यादा क्रेज आईटी और कम्प्यूटर साइंस का है।
अब कम नहीं रही सैलेरी
१६ फीसदी युवा टीचिंग को बेस्ट करियर ऑप्शन मान रहे हैं। इंजी. व मैनेजमेंट के छात्र भी प्रोफेसर बनना चाहते हैं। इसका बड़ा कारण अच्छी सैलेरी (25 से 40 हजार) है। जॉब सिक्युरिटी और वातावरण भी उन्हें आकर्षित कर रहा है।
लुभा रही है चकाचौंध
पैसे के साथ अलग पहचान बनाने का जुनून 12 फीसदी युवाओं को फिल्म, टीवी और मॉडलिंग जैसी ग्लैमर इंडस्ट्री की तरफ आकर्षित कर रहा है। वे सिंगिंग व डांसिंग आदि विधाओं की नियमित प्रैक्टिस कर रहे हैं जिससे पता चलता है वे कितने गंभीर हैं।
सीमाओं की रक्षा का जज्बा भी
कहा जा रहा कि देशसेवा से युवाओं का सरोकार नही है, लेकिन तमाम भ्रांतियों को तोड़ते हुए 8 फीसदी युवा सैन्य अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वे खुद को शारीरिक रूप से सक्षम भी बनाने में लगे हैं।
2. रास्ते- मौजूद हैं मंजिल पाने के तमाम मंच
इंदौर . शहर के युवाओं के छह ड्रीम जॉब में से चार को हासिल करने के लिए यहां तमाम सुविधाएं मौजूद हैं। इंदौर देश का अकेला ऐसा शहर है जहां मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए सर्वश्रेष्ठ आईआईएम है तो सर्वश्रेष्ठ तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान आईआईटी भी है। अकेला फिल्म क्षेत्र ऐसा है, जिसके लिए यहां अलग से प्रशिक्षण केंद्र नहीं है। वैसे यूनिवर्सिटी के ईएमआरसी में चल रहे पाठ्यक्रम में यह विषय भी शामिल है।
आईआईएम और 54 मैनेजमेंट कॉलेज
मैनेजमेंट के लिए देश के शीर्ष संस्थानों में शुमार आईआईएम है। यहां सभी तरह के प्रोग्राम संचालित हैं, जिनमें कई शार्ट टर्म कोर्स भी हैं। इस वर्ष से चार साल का पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किया गया है। इसके अलावा सरकारी एवं निजी मिलाकर 54 मैनेजमेंट कॉलेज हैं। इनमें प्रवेश के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य है। प्रवेश के लिए ऑल इंडिया लेवल पर कैट, मैट और यूनिवर्सिटी की सीईटी होती है।
बीएड, एमएड, नेट-स्लेट सबकी तैयारी
प्रोफेसर्स और निजी स्कूलों में टीचर्स को मिल रहे पैकेज और सुविधाजनक जॉब प्रोफाइल की वजह से स्टूडेंट का आकर्षण इस ओर बढ़ा है। टीचिंग की ट्रेनिंग के लिए शहर में बीएड एवं एमएड कॉलेज हैं। कुछ निजी कॉलेजों में भी बीएड, एमएड किया जा सकता है। ऑल इंडिया स्तर पर होने वाली नेट, एमपी स्लेट तथा एमपीपीएससी के जरिये जॉब मिल सकता है।
मीडिया के लिए है कई ऑप्शन
यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म डिपार्टमेंट के अलावा करीब आधा दर्जन प्रतिष्ठित संस्थान जर्नलिज्म एवं इससे जुड़ी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इनमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो व इंटरनेट सहित सभी माध्यम शामिल हैं। इस वर्ष से यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्म में पीएचडी की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं, जिससे उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी मिल पाएंगे।
आईआईटी और 46 इंजीनियरिंग कॉलेज
शहर में इसी साल से दुनियाभर में मशहूर तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान आईआईटी भी शुरू हुआ है। इसके अलावा शहर में 46 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जिनमें इंजीनियरिंग की सभी ब्रांचेस पढ़ाई जा रही है। प्रवेश के लिए गणित विषय के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आईआईटी के लिए ऑल इंडिया लेवल पर एंट्रेंस होती है बाकी के लिए पीईटी से प्रवेश हासिल किया जा सकता है।
ग्लमर इंडस्ट्री के लिए भी बहुत कुछ
यूनिवर्सिटी के ईएमआरसी में फिल्म की विभिन्न विधाओं जैसे प्रोडक्शन, एडिटिंग, मिक्सिंग, एनिमेशन, कैमरा आदि का प्रशिक्षण लिया जा सकता है। अभिनय भी इनमें शामिल है। कुछ निजी इंस्टिट्यूट भी हैं, जिनमें फिल्म व मॉडलिंग का प्रशिक्षण ले सकते हैं। कोर्सेस के लिए ग्रेजुएशन जरूरी है। एडवांस कोर्सेस के लिए लोग कुछ हद तक मुंबई पर निर्भर है।