भज्जी-प्रवीण तारीफ के हकदार
Bhaskar News Tuesday, October 27, 2009 06:49 [IST]  

ravi shastriवड़ोदरा में भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। रोमांच अंतिम गेंद तक बना रहा। जब 43वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने बैटिंग पावरप्ले का विकल्प चुना तो ऐसा लगा 300 से अधिक रन बन जाएंगे।

लेकिन अगले पांच ओवरों में केवल 33 रन ही बन सके। इशांत शर्मा ने दो विकेट झटके व 50वां ओवर मेडन रहा। ऐसा लगा मानो भारत अचानक नींद से जाग गया हो। सचिन तेंदुलकर को शॉर्ट एक्सट्रा कवर पर लपक लिया गया, लेकिन भारतीय टीम में कई बेहतरीन बल्लेबाज बाकी थे।

35वें ओवर में बैटिंग पावरप्ले ने भारत की मैच में वापसी कर दी। जॉनसन ने गंभीर का कीमती विकेट चटकाया व सुरेश रैना को एक धीमी गेंद पर आउट कर दिया। लेकिन हरभजन व प्रवीण कुमार ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी करेंगे इसकी संभवत: किसी ने कल्पना तक नहीं की होगी।

इन दोनों के बीच 84 रनों की पार्टनरशिप में चार छक्के व नौ चौके शामिल थे। जब अंतिम ओवर शुरू हुआ तो लग रहा था भारत मैच जीत जायेगा। अंतिम ओवर की दूसरी गेंद पर हरभजन के आउट होने के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

दर्शक तो आशीष नेहरा तक से छक्का लगाने की उम्मीद लगा बैठे थे। परिणाम कुछ भी रहा हो, यह मुकाबला एक यादगार व रोमांचक मुकाबला रहा।

-- टीसीएम

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