Chandigarh
तादाद ही नहीं मेरिट में भी आगे हैं छात्राएं
अधीर रोहाल Wednesday, October 28, 2009 01:48 [IST]  

चंडीगढ़. पिछले कुछ वर्षो से स्कूली परीक्षाओं में छात्राओं का दबदबा अब हायर एजूकेशन में जगह बना चुका है। यही वजह है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्राओं की तादाद छात्रों से ज्यादा है।



अब यह छात्राएं पढ़ाई में भी छात्रों से आगे निकल गईं हैं। इस साल अप्रैल—मई में हुई सालाना परीक्षाओं में ज्यादातर विभागों में छात्राएं ही अव्वल रहीं। पीयू की एबीवीपी इकाई द्वारा मेधावी छात्रों के सम्मान के लिए विभिन्न विभागों से जुटाई गई जानकारी से छात्राओं की शैक्षणिक बढ़त का पता चलता है।



पीयू के 46 कोसेर्स में अव्वल रहे विद्यार्थियों की इस सूची में 85 फीसदी छात्राएं हैं। इसी कड़ी में एबीवीपी ने मंगलवार को इन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। पीयू की छात्र राजनीति में भी छात्राओं की अहम भूमिका रही है। इस साल पीयू में पढ़ रहे विद्यार्थियों में से 60 फीसदी छात्राएं हैं। छात्राओं ने हर विभाग की टॉपर लिस्ट में भी अपना प्रभुत्व कायम किया है।



पीयू के विभिन्न विभागों द्वारा एबीवीपी को दी गई जानकारी में अप्रैल में कोर्स पूरा करने वाले या दूसरे और चौथे सेमेस्टर में टॉप कर चुके विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। कई डिपार्टमेंट के सभी समेस्टरों में लड़कियां ही टॉपर हैं।



इस बारे में सोशल साइंटिस्ट प्रो. राजेश गिल कहती हैं कि पहले से प्रोफेशनल, साइंसेस और दूसरे कोर्सेस में लड़कियों की तादाद बढ़ी है। फिर वह पढ़ाई के लिए गंभीर हैं। पिछले कुछ सालों से स्कूलों में लड़कियां ही टॉप कर रही हैं। अब वही छात्राएं जब हायर एजुकेशन के लिए आई हैं तो मेरिट में आ रही हैं। लेकिन हमें दूसरा पक्ष भी देखना है कि लड़कों को हायर एजूकेशन के साथ नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करनी है। ऐसे में वह वह परसेंटेज की ओर ध्यान नहीं देते। लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि लड़कियां पढ़ाई में ज्यादा गंभीर हैं।

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