Chandigarh
संगीत ने ही जीवन दिया तेजस्वनी को
भास्कर न्यूज Wednesday, October 28, 2009 01:52 [IST]  

चंडीगढ़. कभी ठीक से बोल न पाने वाली जुबान, ठीक से न सुन पाने वाले कान आज एक पूरी एलबम रिकॉर्ड कर रहे हैं। यह सब हो पाया है संगीत की वजह से और इसे कर दिखाया है तेजस्वनी शर्मा ने। मानसिक रूप से कमजोर तेजस्वनी ने मंगलवार को एसडी कॉलेज में शुरू यूथ फेस्टिवल में अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाए। गुलाम अली की गजल ‘हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह’ गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।



गजल खत्म होते ही ऑडिटोरियम तालियों की गड़ गड़ाहट से गूंज उठा। तेजस्वनी की मां हर्ष शर्मा ने बताया कि तेजस्वनी पांच साल तक पीजीआई में भर्ती रही। 11 साल की उम्र तक तो वह बोल भी नहीं पाती थी लेकिन एक दिन हम कार में जा रहे थे। गाड़ी में देशभक्ति का गाना लगा हुआ था, अचानक कैसेट खराब होकर बीच में बंद हो गया। तभी तेजस्वनी ने आगे का गाना गाना शुरू कर दिया। संगीत के प्रति उसके रुझान को देखते हुए तेजस्वनी को संगीत सिखाने के लिए घर पर ही शिक्षक बुलाया गया। धीरे धीरे उसने बोलना शुरू किया और अब गीत व भजन गा लेती है।



आठ गाने है एलबम में



तेजस्वनी ने भजन की एक एलबम के लिए गाने गाए हैं। इसमें आठ गाने हैं और टी सीरिज जल्द ही इस एलबम को लॉन्च कर देगा। तेजस्वनी की उपलब्धियां यहीं खत्म नहीं होती बल्कि उसने सारे गा मा पा ‘जूनियर्स’ में एक्टर सलमान खान के साथ बतौर जज बनकर हिस्सा लिया। ‘इंडियन आइडल’ और ‘आवाज पंजाब दी’ जैसे कार्यक्रमों में भी तेजस्वनी अपनी प्रस्तुति दे चुकी है। तेजस्वनी का कहना है कि देशभक्ति के गाने उसे सबसे ज्यादा पसंद हैं और लता मंगेशकर को वह अपना आदर्श मानती हैं।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: