इंदौर. कृष्णपुरा और छत्रीबाग की छत्रियां जल्द ही चमचमाती और जगमगाती नजर आएंगी। खासगी (देवी अहिल्या होलकर, चैरिटी) एवं आलमपुर (सुभेदार मल्हारराव होलकर छत्री) ट्रस्ट के साथ ही पुरा संपदा और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रतिबद्ध संस्था इनटेक ने छत्रियों के संरक्षण और उनके सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया है।
इसकी शुरुआत छत्रीबाग की छत्रियों से होगी, जिसके लिए इसी हफ्ते (1 नवंबर) काम की शुरुआत कर दी जाएगी। कृष्णपुरा छत्रियों में से कृष्णाबाई की छत्री पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है बाकी की छत्रियों की देखरेख ट्रस्ट कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा काफी दिनों से इन छत्रियों के जीर्णोद्धार के प्रयास किए जा रहे थे।
इसके लिए संभागायुक्त के साथ ट्रस्ट और इनटेक के पदाधिकारियों ने बैठकें कर जीर्णोद्धार की योजना तैयार कर ली है। ट्रस्ट के सचिव के.एस. राठौर बताते हैं फिलहाल कृष्णपुरा छत्रियों में बहुत अव्यवस्था है। वहां अवांछित लोगों ने आरामगाह बना रखा है और गंदगी फैली रहती है।
ऐसे में छत्रियों के उद्धार के लिए संस्था इनटेक ने रुचि दिखाई है। संस्था से जुड़े आर्किटेक्ट हिमांशु एस. दुडवाडकर पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में छत्रियों के संरक्षण और सुरक्षा की समूची व्यवस्था संभालेंगे। फिलहाल उनकी संस्था छत्रियों के सौंदर्यीकरण के बाद उनकी व्यवस्था पांच वर्षो तक संभालेगी। इसके लिए ट्रस्ट ने भी अनुमति दे दी है। प्रशासन की भी रजामंदी है।
कृष्णपुरा छत्री में प्रवेश पर लगेगा शुल्क
श्री दुडवाडकर कहते हैं प्राथमिक स्तर पर कृष्णपुरा में प्रति छत्री सात से आठ लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके बाद छत्रियों की सुरक्षा, लाइट, गार्डन, पानी की व्यवस्था के लिए हर माह तीन लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए ट्रस्ट के साथ सार्वजनिक क्षेत्र, उद्योग और एक निजी क्षेत्र की बैंक से आर्थिक सहयोग लिया जाएगा।
इस बात पर भी सभी तैयार हो गए हैं कि कृष्णपुरा की छत्रियों में अवांछित लोगों का प्रवेश रोकने के लिए बहुत कम (नाममात्र का) शुल्क भी लगाया जाए। छत्रियों पर स्थायी रूप से विद्युत सज्जा कर दी जाएगी, पर्व-त्योहार पर सिर्फ स्वीच ऑन करना होगा।
छत्रीबाग की छत्रियों पर लगेंगे आठ लाख
श्री राठौर ने बताया छत्रीबाग की आठों छत्रियां के जीर्णोद्धार का खर्च ट्रस्ट वहन करेगा। शुरू में इसके लिए सात-आठ लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां गार्ड और माली, बिजली, पानी के लिए करीब 20 हजार रुपए प्रतिमाह खर्च किए जाएंगे। छत्रीबाग में देवी अहिल्या, उनके पुत्र खांडेराव, श्वसुर मल्हारराव प्रथम सहित राजपरिवार के सदस्यों की छत्रियां हैं। श्री राठौर ने कहा छत्रियों की दशा सुधरने से न केवल शहर की शान में बढ़ोतरी होगी बल्कि पर्यटक भी इस ओर आकृष्ट होंगे।
पुरातत्व विभाग भी देगा सहयोग
पुरातत्व विभाग के संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. प्रकाशेंद्र माथुर ने कहा हमारे विभाग के संरक्षण में कृष्णपुरा की सिर्फ एक कृष्णाबाई की छत्री है। उसकी सुरक्षा और सौंदर्यीकरण में पुरातत्व विभाग पूरा सहयोग करेगा, बस उसमें छेड़छाड़ की अनुमति नहीं दी जा सकती। मूल रूप को अक्षुण्ण रखते हुए काम करने की इजाजत रहेगी।
प्रशासन का पूरा साथ
संभागायुक्त बसंतप्रताप सिंह ने कहा पुरातात्विक महत्व की संपदा के संरक्षण में प्रशासन पूरा सहयोग देगा। जो संस्थाएं इनके संरक्षण और सुरक्षा के लिए आगे आई हैं वे छत्रियों का जीर्णोद्धार करने में पूरी तरह सक्षम हैं।