टीवी पर इन दिनों म्यूजिक चैनलों की बाढ़ सी आ गई है। इससे म्यूजिक क्रेजी युवाओं के लिए कॅरियर का नया विकल्प भी सामने आया है, इन्हें शॉर्ट फॉर्म में वीजे भी कहते हैं।
कार्य का स्वरूप
इनका मुख्य काम नए वीडियोज को इंट्रोड्यूस करना और संगीत से जुड़े कार्यक्रम टीवी पर पेश करना है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते तमाम टेलीविजन चैनल युवा दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नए-नए अंदाज के कार्यक्रम बना रहे हैं। इससे वीजे के काम का दायरा बढ़ा है। आज वीजे शो प्रस्तुत करने, नए वीडियो के बारे में जानकारी देने के अलावा गेम व ट्रैवल शो होस्ट करने, युवा फोरम, पब्लिक चैटिंग के समेत कलाकारों, संगीतज्ञों व सेलिब्रिटीज के इंटरव्यू लेने का काम भी करते हैं।
एक तरह से कहें तो यह दर्शकों और कलाकारों के बीच सेतु की तरह होते हैं। इनके काम में कैमरे के सामने आने के अलावा नए शो की थीम तैयार करना, गानों का चुनाव, कार्यक्रमों का प्रमोशन जैसे रोड शो, थीम पार्टी में शिरकत करने और कई बार शो के लिए स्क्रिप्ट तैयार करना भी शामिल होता है।
योग्यता
वीजे बनने के लिए विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता की जरूरत नहीं होती। बस इसमें आपकी कुछ व्यक्तिगत खूबियां काम आती हैं। हालांकि मास कम्युनिकेशन, विजुअल कम्युनिकेशन या परफॉर्मिग आर्ट्स की पृष्ठभूमि मददगार साबित हो सकती है। संगीत की जानकारी और रुचि दोनों ही जरूरी हैं।
इसके साथ ही अच्छी बॉडी लैंग्वेज, अच्छा ड्रेस सेंस, बढ़िया आवाज, हाजिरजवाब, कार्य करने वाली जगह की भाषा और खासकर अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ होनी जरूरी है। इन्हें काफी सफर करने और काम के घंटे तय न होने की आदत से दो-चार होना चाहिए।
जरूरी बातें
इसमें आपको अपनी स्क्रीन प्रेजेंस (स्क्रीन पर प्रस्तुति) और बॉडी लैंग्वेज का खास ध्यान रखना होता है, ताकि आप खुद को भीड़ से अलग साबित कर सकें। यही अंदाज आपको दूसरों से अलग बनाएगा। एक बार आपका चुनाव हो जाए तो इस क्षेत्र में पदानुक्रम जैसी कोई चीज नहीं है। अगर आपके काम में भिन्नता है तो संभव है कि पहले 6 महीने के अंदर ही आप शो तैयार करने लगें। यह आपकी क्षमता पर निर्भर करता है।
अपनी लोकप्रियता को बनाए रखना आसान बात नहीं है, लेकिन इसके लिए लगातार कोशिश और नए प्रयास करते रहने पड़ते हैं। इसका बड़ा फायदा यह है कि अच्छा वेतन मिलने के साथ ही आपको देश-विदेश में अच्छे शो होस्ट करने और साथ ही कई सेलिब्रिटीज से मुलाकात का मौका भी मिलता है।
रोजगार के अवसर
वीजे को म्यूजिक चैनल के दफ्तरों, म्यूजिक शोज का निर्माण करने वाली संस्थाओं और फिल्म आधारित कार्यक्रम बनाने वाली संस्थाओं में नौकरी के काफी मौके मिलते हैं। इस संबंध में सबसे ज्यादा मांग कुछेक नामी चैनलों में होती है।
इनमें एमटीवी, चैनल वी, बीफोरयू म्यूजिक और एमसीएम एशिया प्रमुख हैं। यहां वीजे की मांग बनी रहती है। हालांकि इन चैनलों में ब्रेक मिल जाना ही बड़ी बात मानी जाती है। समय-समय पर समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर इसके लिए विज्ञापन दिया जाता है।
कॅरियर की राह
वैसे तो यह पेशा थोड़े समय के लिए ही होता है लेकिन इससे मॉडलिंग, थियेटर (निर्देशन-अभिनय), म्यूजिक वीडियो (निर्देशन, अभिनय, कोरियोग्राफी), एंकरिंग, न्यूज कास्टिंग, पीआर वगैरह कई क्षेत्रों में काम करने के रास्ते खुलते हैं। मोटी सी बात यह है कि वीजे बने रहने के दौरान आप जितनी शोहरत हासिल करते हैं, उतने ही ज्यादा मौके आगे के लिए आपके पास मौजूद होते हैं।
पारिश्रमिक
ज्यादा से ज्यादा चैनलों के आगमन के साथ ही इस पेशे से जुड़ने के मौके बढ़ रहे हैं। किसी भी म्यूजिक शो की सफलता का दारोमदार काफी हद तक वीजे की दर्शकों से जुड़े रहने की कला पर निर्भर करता है। एक सफल वीजे महीने में 10 से 25 हजार रुपए तक कमा सकता है। आपके काम का तरीका अलग है और शो सफल हो चुका है तो यह आंकड़ा लाखों तक छू सकता है। कमाई के अलावा इस क्षेत्र से जुड़ा ग्लैमर युवाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है।
खास कोर्स
इस कार्य के लिए वैसे तो कोई निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं होता, लेकिन महानगरों में पूर्व वीजे द्वारा चलाए जा रहे कई संस्थान वीडियो जॉकी बनने का प्रशिक्षण देते हैं। हालांकि इनकी संख्या अंगुलियों पर गिनने लायक है। इसके अलावा आप चाहें तो पब्लिक स्पीकिंग का कोर्स कर सकते हैं। अपनी आवाज की पिच को ठीक करने के लिए भी कोर्स किया जा सकता है। मास कम्युनिकेशन और परफॉर्मिग आर्ट्स का कोर्स भी वीजे बनने की दिशा में आपको फायदा पहुंचा सकता है।
संबंधित कोर्स
टीवी रिपोर्टिग, प्रेजेंटेशन व प्रोडक्शन कोर्स
डिप्लोमा इन जर्नलिज्म
डिप्लोमा इन मीडिया कम्युनिकेशन
शॉर्ट टर्म कोर्स करवाने वाले संस्थान
द स्टूडियो बेकर्स, पूसा रोड, कैलाश कॉलोनी, नई दिल्ली
साउंड ऑफ म्यूजिक, वसंत कुंज, नई दिल्ली
मोडस ऑपरेंडी, नई दिल्ली