रायपुर. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार शाम ड्रग इंस्पेक्टर मनमोहन मौलासरिया को मंत्रालय स्थित दफ्तर में रिश्वत के तौर पर महंगा मोबाइल लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी अफसर ने दवा दुकान लाइसेंस के एवज में यह डिमांड की थी। कल उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एसीबी के अफसरों के मुताबिक एक-दो दिन पहले कोटा कालोनी निवासी दिपेश्वर चंद्राकर ने लिखित शिकायत की थी कि आरोपी अफसर ने दवाई दुकान का लाइसेंस जारी करने के एवज में महंगे एन-97 मोबाइल की डिमांड की है। प्रार्थी ने अपने छोटे भाई अंजय चंद्राकर के नाम से आजाद चौक में दुकान खोलने की अनुमति मांगी थी। अफसर उसको रिश्वत के लिए महीनेभर से चक्कर कटवा रहा था। शिकायत की तस्दीक के बाद एसीबी की टीम ने आज शाम योजनाबद्ध तरीके से खाद्य एवं औषधि विभाग के दफ्तर पर धावा बोला।
वहां जैसे ही अफसर ने प्रार्थी से लेनदेन किया वह घेरकर मोबाइल सहित मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी इंस्पेक्टर मूलत: नरसिंहपुर गाडरवाड़ा का रहने वाला है। यहां टैगोरनगर में किराए के घर में रहता है। मौके की कार्रवाई के बाद एसीबी टीम ने उसे घर पर भी धावा बोला। हालांकि जांच अधिकारियों का कहना है कि वहां से कोई महत्वपूर्ण चीज हाथ नहीं लगी है। आरोपी इंस्पेक्टर 1995 से खाद्य एवं औषधि में पोस्टेड हैं। ट्रैप की कार्रवाई में डीएसपी मनोज खिलारी, एएसआई शिवबदन मिश्रा और निरीक्षकों की टीम शामिल थी।