इंदौर. दोपहर 12 बजे मुझे बाबा (महेंद्र हार्डिया) का मोबाइल आया। जैसे ही मैंने अटैंड किया तो उत्साह से बोले अनीता, मैं मंत्री बन गया। मां को भी बता देना। अभी मुझे पत्र तो नहीं मिला है लेकिन तय हो गया है, तुम सभी भोपाल आ जाओ। शाम को शपथ ग्रहण के समय साथ रहना।
यह बात महेंद्र हार्डिया की पत्नी अनीता ने ‘भास्कर’ से चर्चा के दौरान कही। श्रीमती हार्डिया का कहना था बाबा इतने साल से मेहनत कर रहे थे जिसका उन्हें प्रतिफल मिल गया। मां चंदाबाई का कहना था वह बचपन से ही जनसेवा कर रहा है।
भविष्य में भी करता रहे इसके लिए मुख्यमंत्री ने अच्छा मौका दिया है। दोपहर एक बजे श्रीमती हार्डिया, पुत्र गौरव, बहन मीना व परिवार के कई सदस्य भोपाल पहुंचे। पुत्री महिमा कॉलेज गई थी जहां उसे पिता के मंत्री बनने की जानकारी लगी।
दोपहर 2.10 बजे मुख्यमंत्री ने किया फोन
श्री हार्डिया मंगलवार से भोपाल में ही थे। बुधवार दोपहर 2.10 बजे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने फोन कर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए जाने की बधाई दी। श्री हार्डिया को शाम 4.45 बजे मुख्यमंत्री निवास पर निमंत्रित किया गया। वे अपने समर्थकों रमेश भारद्वाज (रम्मूजी) व होलास राय सोनी के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचे।
वहां नरेंद्रसिंह तोमर व माखनसिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने श्री हार्डिया से कहा पूरे प्रदेश की जनता की सेवा का दायित्व तुम्हें सौंप रहा हूं अच्छे से काम करना। श्री हार्डिया ने उन्हें विश्वास दिलाते हुए कहा मुझसे आपको कोई शिकायत नहीं मिलेगी।
‘सेवा करता रहा हूं, करता रहूंगा’
‘भास्कर’ से चर्चा के दौरान श्री हार्डिया ने कहा मैं हमेशा जनता की सेवा करता रहा हूं, आगे भी करता रहूंगा। मुख्यमंत्री व पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी करूंगा। शहर व प्रदेश का विकास करना मेरा प्रमुख लक्ष्य होगा।