रायपुर. तेलीबांधा के व्यापारियों की निगम के द्वारा दुकान तोड़ने के मामले पर राजनीति शुरू हो चुकी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद जहां एक ओर तेलीबांधा पीड़ित व्यापारी संघ फैसले के तीन बिंदुओं को अपने पक्ष में मानकर अपनी जीत मान रहा है। वहीं नगर निगम के अफसरों का कहना है कि कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया है।
तेलीबांधा व्यपारियों की वकील व कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक ने गुरूवार को निगम के डिप्टी कमिश्नर एसके दुबे के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। श्रीमती नायक का कहना है कि श्री दुबे ने कोर्ट के फैसले को सही तरीके से नहीं पढ़ा है। कोर्ट ने साफ तौर पर लिखा है कि आखिर निगम ने एक्ट के किसा प्रावधानों के तहत तेलीबांधा के व्यापारियों को महज 24 घंटे के अंदर दुकान खाली करने के निर्देश दिए थे।
इतने कम समय में नोटिस की तामिली के बाद तत्काल कार्रवाई करने के कारण व्यापारियों का दाना पानी उठ गया था। कोर्ट ने तीन बिंदुओं पर निर्देश देते हुए कहा है कि तेलीबांधा के व्यापारियों और निवासियों को मुआवजा, क्षति और व्यवस्थापान करने के लिए स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है।