रायपुर. जेल में मोबाइल जाम करने वाले जैमर लगाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। गुरुवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर इंस्टूमेंट लगाए गए। अभी चार जगह इंस्टूमेंट लगना बाकी हैं। उसके बाद जेल पूरी तरह अदृश्य तरंगों के घेरे में घिर जाएगा और मोबाइल बंद हो जाएंगे।
जेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जैमर के प्रत्येक इंस्टूमेंट 300 मीटर के घेरे तक मोबाइल को पूरी तरह जाम करने में सक्षम हैं। एक-एक इंस्टूमेंट का परीक्षण करने के बाद उसी आधार जगह तय की गई है। अफसरों ने बताया कि सात जगह इंस्टूमेंट लगाने से पूरी जेल सुरक्षा घेरे में घिर जाएगी। जेल के किसी भी हिस्से में मोबाइल काम नहीं करेगा। कैदखाने में मोबाइल का टावर ही गायब रहेगा।
बाहर से यहां लगाने वालों को कवरेज एरिया से बाहर होने की जानकारी दी जाएगी। जैमर का कंट्रोल रुम अधीक्षक कार्यालय में होगा। पूरा सिस्टम वहीं से आपरेट होगा। इंस्टूमेंट और कंट्रोल रुम आपर ेट करने के लिए अलग से प्रहरियों की ड्यूटी लगेगी। कंप्यूटर सिस्टम जानने वाले प्रहरियों को इसकी ट्रेनिंग दी गई है।
राजधानी के अलावा जैमर राज्य की आठ जेलों में लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में राज्य की अन्य जेलों में भी जैमर लगाने की योजना है। गौरतलब है कि जैमर पर सरकार ने करीब पांच करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यह सिस्टम पूरी तरह अस्तित्व में आने के बाद मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से इसका उद्घाटन करने की योजना है। जेल विभाग इसकी तैयारी में जुटा है।