रायपुर. छटे वेतनमान की खातिर अब विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का मन बना रहे हैं। वे मुख्यमंत्री के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। यदि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विदेश प्रवास से लौटने पर भी शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर को छोड़कर अन्य सभी विश्वविद्यालय व अनुदान महाविद्यालयों के शिक्षक हड़ताल पर चले जाएंगे और शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप्प हो जाएगा।
शिक्षकों ने दीपावली के पूर्व एक दिन की हड़ताल कर अपने मंसूबों को सरकार के सामने रख दिया था। उन्होंने राजधानी में एक रैली निकालकर राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा था।
विश्वविद्यालय महाविद्यालयीन शिक्षक संघ के संयोजक प्रो. देशमुख ने बताया कि हड़ताल के बाद वित्त मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कार्य प्रारंभ किया है और छटे वेतनमान की फाइल आगे बढ़ी है। इसके बाद मांग पूरी होने की संभावना बढ़ गई है।
संभव है कि दिसंबर से छटे वेतनमान का लाभ सभी शिक्षकों को मिलने लगेगा। श्री देशमुख ने बताया है कि दो दिन पूर्व वित्त मंत्रालय के उप सचिव से मुलाकात हुई थी जिसमें उन्होंने प्रदेश के सभी अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों से जानकारी मंगाई है। इससे छटा वेतनमान देने पर आने वाले वास्तविक भार को जाना जा सके।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को मार्च तक सभी प्रदेशों में यह मुद्दा समाप्त करना है। उसके पहले राज्य सरकार द्वारा इसे लागू करना ही होगा। उन्होंने बताया कि जो भी देरी हुई है उसका कारण प्रदेश का वित्त मंत्रालय और उसके अधिकारी हैं जिन्हें छटा वेतनमान लागू करने के नियम कानून के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं थी और वे इस मुद्दे पर कुछ कर ही नहीं रहे थे।