रायपुर. पुलिस ने गुरुवार को शहर के हिस्ट्रीशीटर गुंडे-बदमाशों के घर अचानक दबिश दी। उनके घर जाकर देखा कि अभी कौन क्या कर रहा है? यह चेक किया। अभी भी गुंडागर्दी में लिप्त होने की शंका होने पर उन्हें बंदी बना लिया। बदमाशों का रिकार्ड देखकर किसी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक तो किसी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
कुछ बदमाशों को नसीहत देकर छोड़ा भी गया। कई बदमाश अपने ठिकानों पर नहीं मिले। उनके परिवार वालों से उन्हें थाने भेजने को कहा गया। पुलिस ने सिटी एसपी ईस्ट रजनेश सिंह के निर्देश पर अभियान चलाया था। ईस्ट क्षेत्र के तमाम थानों में दो दिन से इसकी तैयारी चल रही थी। गुरुवार को सुबह उसी रजिस्टर के हिसाब से थाने के बल को जिम्मेदारी सौंपी गई। दो-तीन सिपाहियों के साथ अधिकारियों को उनके साथ रवाना किया गया।
अफसरों ने बदमाशों के नाम-पते पर पहुंचकर चेक किया। पुराने बदमाशों से पूछा गया कि वे अभी क्या कर रहे हैं? ऐसे बदमाश जो अपने काम-काज का ब्योरा सही नहीं दे सके, उनके बारे में यह माना गया कि उन्होंने अभी भी गुंडागर्दी नहीं छोड़ी है। पुलिस अफसरों ने बताया कि दिनभर में 80 संदिग्ध और पुराने बदमाश मिले। उनमें से 22 के खिलाफ कार्रवाई की गई। बाकी को नसीहत देकर छोड़ा गया।
ऐसे संदिग्ध भी मिले : पुरानी बस्ती इलाके में पुलिस को राजिम, नवापारा, बिलासपुर और जगदलपुर में रहने वाले मिले। उन्हें पुलिस ने अचानक घूमते हुए पकड़ा।
पूछताछ के दौरान इनमें से एक भी यह नहीं बता सका कि वह क्यों और किस वजह से यहां आकर रह रहा है। पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही उनका रिकार्ड दर्ज कर लिया है। उनके स्थायी पते पर संबंधित थाने की पुलिस भेजकर इसका वेरीफिकेशन कराया जाएगा।